भोजपुर। जिले में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। मुंबई के भिवंडी में आयोजित दरबार के दौरान उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी भी है, तो उसे न्यायपालिका के माध्यम से सजा मिलनी चाहिए, न कि सरेंडर के बाद उसका वध कर दिया जाना चाहिए।
​धीरेंद्र शास्त्री ने भरत तिवारी को सनातन और हिंदू समाज के लिए समर्पित युवा बताते हुए कहा कि वह जल्द ही उसके परिजनों से मिलने उनके गांव बिलौटी जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक समाजसेवक की संदेहास्पद मौत के मामले में पारदर्शिता होनी चाहिए। ज्ञात हो कि भरत तिवारी ने 2023 में हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ आरा से बागेश्वर धाम तक पैदल यात्रा की थी, जिस दौरान उनकी मुलाकात पंडित धीरेंद्र शास्त्री से हुई थी।

​अनिरुद्धाचार्य का सरकार पर तीखा प्रहार

​बागेश्वर बाबा से पूर्व कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने भरत की मौत को ‘पाप’ बताते हुए कहा कि जनता की हत्या करने वाला राजा ‘पापी’ कहलाता है। अनिरुद्धाचार्य ने स्पष्ट किया कि भरत ने अपराध के लिए नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र को बाढ़ और कटाव से बचाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाने हेतु हथियार उठाए थे। उन्होंने कहा, अगर किसी की बात नहीं सुनी जाएगी, तो विरोध स्वाभाविक है। सरकार को गौ और ब्राह्मण हत्या जैसे पापों से बचना चाहिए।

​क्या है पूरा मामला?

​भरत भूषण तिवारी (30 वर्ष) शाहपुर के जवइनियां गांव के विस्थापितों की आवाज उठा रहा था, जिनके घर गंगा के कटाव में समा गए थे। आरोप है कि लगातार प्रशासनिक उपेक्षा के बाद उसने विरोध का रास्ता अपनाया। 15 जून को पुलिस ने उसके घर दबिश दी, जिसके बाद 16 जून को उसका कथित एनकाउंटर हुआ। भरत के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे और उसके परिवार को पहले ही धमकी दी थी। बहरहाल, सोशल मीडिया पर इस एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं, और अब प्रमुख संतों के हस्तक्षेप के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।