नई दिल्ली. आज नई दिल्ली में बड़ी बैठक हुई है, इस बैठक में अहम मुद्दा था पंजाब कांग्रेस में हुए संगठनात्मक बदलाव और नए प्रधान के चयन का. बुधवार को कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी के. सी. वेणुगोपाल के निवास पर यह अहम बैठक हुई जिसमें भूपेश बघेल भी शामिल हुए. बैठक के बाद भूपेश से मीडिया ने पूछा कि क्या पंजाब कांग्रेस की प्रधानगी को लेकर कोई नया फैसला हो सकता है या हाईकमान किसी और फॉर्मूले पर विचार कर रहा है, तो बघेल ने साफ शब्दों में कहा कि जो फैसला लिया जाना था वह पहले ही लिया जा चुका है और अब किसी तरह का बदलाव नहीं होने जा रहा.

भूपेश बघेल के इस बयान के सामने आने के बाद चर्चा का बाजार और भी तेज हो गया है. पंजाब कांग्रेस में बदलाव को लेकर चल रही सभी अटकलों पर बड़ा विराम लग चुका है, वहीं इसके साथ पंजाब में अंदरूनी कलह और नाराजगी और भी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा थी कि हाईकमान पंजाब कांग्रेस की प्रधानगी को लेकर फिर विचार कर सकती है पर बघेल ने साफ कर दिया कि पार्टी अपने पहले के फैसले पर कायम है.

दूसरी तरफ दिल्ली में पंजाब को लेकर मंथन का दौर जारी है. इससे पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस प्रधान मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर पंजाब की स्थिति पर चर्चा की थी. इसके बाद के. सी. वेणुगोपाल से भी विचार-चर्चा हुई और अब उनके निवास पर हुई बैठक ने सियासी हलचल को और तेज कर दिया है.

आपको बता दें कि दूसरी ओर पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा को भी दिल्ली बुलाया गया.जानकारी के मुताबिक वह वेणुगोपाल के निवास पर हुई मीटिंग में शामिल हुए. उनका यह अचानक दिल्ली दौरा भी काफी चर्चा का विषय बन गया है.हालांकि बैठक के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने मीडिया से कोई बात नहीं की,पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने सिर्फ यह कहा कि बाद में बात करेंगे और आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उनकी इस चुप्पी ने भी कई नए सवाल खड़े कर दिए।