Bihar News: सीएम सम्राट चौधरी ने कल मंगलवार को पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में CtrlS डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। इसके पश्चात उन्होंने प्रथम तल पर बने कंपनी के डेटा सेंटर कक्ष का जायजा लिया और वहां से संचालित होने वाले डिजिटल कार्यों की पूरी जानकारी ली। इस दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि, बिहार में डेटा सेंटर की शुरुआत राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कंपनी की टीम को बधाई देते हुए बिहार में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
बिहार में 10 हजार करोड़ का MoU
सीएम सम्राट ने कहा कि, उद्योग विभाग और CtrlS कंपनी के बीच 10 हजार करोड़ रुपये का MoU किया गया है, इससे भविष्य में आई०टी० और ए०आई० के क्षेत्र में निवेश और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बिहार में पहली बार इस प्रकार के डेटा सेंटर की शुरुआत हो रही है। यह राज्य में तकनीकी विकास और औद्योगिक बदलाव की नई नींव रखेगा। इसके लिए उन्होंने कंपनी के संस्थापक श्रीधर रेड्डी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
निवेश से सृजित होंगे रोजगार के अवसर
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में वर्ष 2005 से 2025 के बीच राज्य में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। अब इन सुविधाओं के विस्तार के साथ औद्योगिक विकास को तेज गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए उद्योगों का विस्तार जरूरी है। राज्य में निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
1,000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य
सीएम सम्राट ने आगे कहा कि, उद्योगों का विकास ही बिहार की अर्थव्यवस्था को व्यापक स्तर पर बदलने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। बिहार में बिजली की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। राज्य में बिजली की खपत पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी संभावनाओं को तलाश रही है, ताकि औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने CtrlS से बिहार में डेटा सेंटर क्षेत्र के विस्तार की दिशा में काम करने के लिए आगे आने को कहा। मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में बिहार में कम-से-कम 1,000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखने को कहा।
भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लगभग 13,000 एकड़ भूमि से संबंधित प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों के विकास के लिए आधार तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गंगा पार और हाजीपुर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण सहित अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बन रहे एक्सप्रेस-वे, हाईवे और अन्य आधारभूत संरचनाओं के साथ औद्योगिक विकास को जोड़कर बिहार में निवेश के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।
2 लाख करोड़ राजस्व पहुंचाना लक्ष्य
सीएम सम्राट ने कहा कि बिहार का बजट लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये है, जबकि राज्य का अपना राजस्व करीब 70,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने राज्य के राजस्व को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुये कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उद्योग, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में व्यापक विस्तार जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को प्रोत्साहित करने और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए निवेश से बिहार की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी तथा राज्य के विकास को नई दिशा प्राप्त होगी। बता दें कि CtrlS ने सूचना प्रावैधिकी विभाग के अंतर्गत बिहार आई०टी० पॉलिसी 2024 के तहत बिहार में डेटा सेंटर स्थापित किया है।
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