Vaishali Boat Accident: वैशाली के राघोपुर में हुए भीषण नाव हादसे के बाद SDRF की टीम का बचाव अभियान जारी है। आज बुधवार की सुबह घटनास्थल वाली जगह पर एसडीआरएफ की टीम पहुंची और गंगा नदी में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया है। ऐसे में इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, दूसरी तरफ घटना के बाद से मृतकों के परिजनों समेत पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। इतने बड़े हादसे के पीछे प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है।

CO को दी गई थी नाव के जर्जर हालत की सूचना

नाव हादसे के दौरान कई लोगों की जान बचाने वाले स्थानीय रवि यादव ने बताया कि, यह घटना राघोपुर ब्लॉक की रामपुर श्यामचंद पंचायत के वार्ड नंबर 8 में हुई। पास के ही एक गांव में ‘श्राद्ध’ का भोज हो रहा था और बच्चे उसमें शामिल होने जा रहे थे। नाव से नदी पार करते समय नाव फट गई और बीच धारा में डूब गई। हम सब वहीं मौजूद थे। ग्रामीणों की मदद से सभी को बचाया गया; हमने पूरी कोशिश की, लेकिन हमारी कोशिशों के बावजूद सभी को नहीं बचाया जा सका, सिर्फ़ दो या तीन लोग ही बच पाए। यह बहुत दुखद है।

रवि यादव ने आगे कहा कि, प्रशासन को सूचना दी गई थी, लेकिन वे एक घंटे बाद पहुंचे, जब हम अस्पताल पहुंचे, तो वहां इलाज की कोई ठीक-ठाक व्यवस्था या सुविधा नहीं थी। युवक ने यह भी दावा किया कि राघोपुर के सर्कल ऑफिसर (CO) दीपक कुमार को पहले ही नाव के जर्जर हालत के बारे में बताया गया था, फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसीलिए आज इतनी बड़ी त्रासदी हुई है। हमने ‘खटिया’ और रस्सियों का इस्तेमाल करके सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राघोपुर जैसे नदी और नहरों से घिरे इलाके में लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जरूरत लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि नाव के परिचालन, यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन बचाव व्यवस्था को लेकर क्या इंतजाम किए गए थे? यदि नावों के परिचालन पर रोक लागू थी, तो लोगों के नाव से नहर पार करने की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए। साथ ही, हादसे के बाद बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी भी जांच आवश्यक है।

एक ही परिवार के 7 बच्चों की मौत

बताया जा रहा है कि यह घटना रात करीब 8 बजकर 35 मिनट की है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों के बीच चीख-पुकार का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद गांव से कुछ लोग मृत्यु भोज में शामिल होने के लिए नहर पार कर जा रहे थे। इसी दौरान करीब 30 से 35 लोगों से भरी एक छोटी नाव बीच नहर में डूब गई। नाव हादसे में 13 लोगों की डूबने से मौत हो गई। घटना का सबसे दुखद एक पहलू यह भी है कि मृतकों में 7 बच्चे एक ही परिवार के हैं। रामपुर श्यामचंद गांव के रामप्रवेश राय उर्फ राजा के परिवार के 7 बच्चों की डूबने से मौत हुई है।

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