पटना। बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में तैयारी तेज हो गई है। राज्य के छह परिवहन डिविजनों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। पटना, गयाजी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। प्रत्येक स्टेशन पर आठ चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। इसके बाद केंद्र सरकार से मिलने वाली 400 पीएम ई-बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। परिवहन विभाग के अनुसार, इन बसों के संचालन से हर दिन एक लाख से अधिक यात्रियों को प्रदूषण मुक्त सफर की सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल पूर्णिया डिविजन में चार्जिंग स्टेशन की सुविधा शुरू हो चुकी है।
पटना और गयाजी में 15 नवंबर तक पूरा होगा काम
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि पटना के फुलवारीशरीफ और गयाजी बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। पटना में पहले से एक चार्जिंग स्टेशन मौजूद है। इसके अलावा बैरिया बस स्टैंड पर भी नया ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। वहीं, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में महीने के अंत तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है।
किस शहर को मिलेंगी कितनी इलेक्ट्रिक बसें?
योजना के तहत बिहार के छह शहरों में कुल 400 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया गया है।
पटना – 150 बसें
गयाजी – 50 बसें
दरभंगा – 50 बसें
मुजफ्फरपुर – 50 बसें
भागलपुर – 50 बसें
पूर्णिया – 50 बसें
प्रदूषण मुक्त सफर को मिलेगा बढ़ावा
चार्जिंग स्टेशन तैयार होने के बाद इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे शहरों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ने के साथ डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि रोजाना एक लाख से अधिक यात्रियों को ई-बसों से सफर करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

