Bihar Bandh: नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार की राजधानी पटना तक बवाल मचा हुआ है। इस बीच आज शनिवार (25, जुलाई) को वाम दल से जुड़े छात्र संघ आइसा और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) ने बिहार बंद का आह्वान किया है। खास बात यह है कि इस बिहार बंद को सभी विपक्षी पार्टियों का भी समर्थन है। छात्र आज दोपहर 12 बजे अपनी मांगो को लेकर सड़क पर उतरेंगे।
70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
बिहार बंद के आह्वान को देखते हुए प्रदेश भर में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से और कड़ी कर दी गई है। राजधानी पटना में 70 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सरकार ने सभी जिले के डिएम को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। स्थानीय पुलिस के अलावा CISF, BSF, SSB और CRPF के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती में लगाया गया है। वहीं, विधानसभा, पटना एयरपोर्ट और जंक्शन समेत सभी प्रमुख स्थानों और चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के साथ ही पुलिस सोशल मीडिया पर भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ने वाले करीब 117 संदिग्ध लोगों पर विशेष तौर से नजर रख रही है। वहीं, डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करने का निर्देश दिया है।
माले विधायक समेत 19 लोग गिरफ्तार
उधर दूसरी तरफ बिहार बंद आह्वान के बीच पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शुक्रवार की देर रात कई हॉस्टलों और लॉज में छापेमारी कर भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ, आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, सचिव दीपांकर मिश्रा और उपाध्यक्ष सबा आफरीन समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उन्होंने यह कार्रवाई पटना में बीते 22 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में की है।
अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन और पुलिस
पटना में 22 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन और आज बिहार बंद आह्वान के बीच जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया हुआ है। डीएम कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रदर्शनकारी छात्र संगठन के नेताओं से बातचीत भी की है। डीएम और एसपी का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी बात को रखने का सभी को अधिकार है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के आड़ में हिंसा और तोड़ फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। यदि प्रदर्शन के दौरान कहीं से भी ऐसे मामले आते हैं, तो ऐसे असमाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्रशासन की ओर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बिहार बंद को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।
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