पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और राज्य के विकास को गति देने के लिए सरकार ने कई और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। हाल ही में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में आतंकवाद, कृषि, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।

​पटना के ढकनपुरा में बनेगा NIA का स्थायी कैंपस

​बिहार से आतंकवाद और स्लीपर सेल के पूरी तरह खात्मे के लिए नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (NIA) का पटना में स्थायी परिसर बनाया जाएगा। इसके लिए पाटलिपुत्र अंचल के ढकनपुरा में 1 एकड़ जमीन आवंटित करने की मंजूरी दे दी गई है। इस आधुनिक कार्यालय और आवासीय परिसर के बनने से राज्य में एंटी-टेरर गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और कार्रवाई करने में अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
​75 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सौगात
​मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने ‘बिहार निबंधन नियमावली, 2026’ में संशोधन कर 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत दी है। अब इन बुजुर्गों को अपनी जमीन, प्लॉट या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

  • ​ऑनलाइन स्लॉट: इसके लिए बुजुर्गों को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होगा।
  • ​पहचान सत्यापन: [Aadhaar Redacted] के माध्यम से उम्र और पहचान की पुष्टि की जाएगी।
  • ​मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट: तय समय पर विभाग की मोबाइल यूनिट आवेदक के घर पहुंचेगी, जहां डिजिटल जांच, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और ई-साइन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके तुरंत बाद डिजिटल कॉपी रजिस्टर्ड मोबाइल और ईमेल पर भेज दी जाएगी।

​चौथे कृषि रोडमैप के तहत 367 करोड़ मंजूर

  • ​कृषि और किसानों के विकास को बढ़ावा देने के लिए चौथे कृषि रोडमैप के अंतर्गत कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए 367 करोड़ रुपए के व्यय को हरी झंडी मिली है।
  • ​किसानों को अनुदानित दर पर आधुनिक कृषि यंत्र, कस्टम हायरिंग सेंटर और ड्रोन की सुविधा मिलेगी।
  • गांवों में विशेष ‘कृषि यंत्र बैंक’ खोले जाएंगे।
  • इसके अलावा, 38 जिलों में वर्मी कम्पोस्ट और बायोगैस इकाइयों के लिए 30.17 करोड़, सबौर कृषि विश्वविद्यालय को वेतन व पेंशन के लिए 158.62 करोड़, सब्जी प्रसंस्करण के लिए 106 करोड़, और जलापूर्ति योजनाओं के लिए 204 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

​फॉरेंसिक जांच संस्थान सीधे गृह विभाग के नियंत्रण में

विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पुलिस प्रयोगशाला, हैंडराइटिंग ब्यूरो, अंगुलांक ब्यूरो और फोटो ब्यूरो अब गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में काम करेंगे। देश के 32 में से 23 राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है। सरकार के इस कदम से आपराधिक मामलों के वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होगी, जिससे अदालतों में मुकदमों के निष्पादन में तेजी आएगी।

​जमुई में 150 करोड़ की लागत से बनेंगे दो नए पुल

​क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए जमुई में दो अलग-अलग नदियों पर दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

  • एनएच-333ए पर किऊल नदी के पुराने पुल के स्थान पर नया आरसीसी पुल बनेगा, जिस पर 93.83 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • ​वहीं, सुकनर नदी पर मांगोबंदर के पास नए पुल के निर्माण के लिए 55.96 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इन दोनों पुलों के निर्माण पर कुल लगभग 150 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

​मंत्रिपरिषद के अन्य प्रमुख निर्णय

  • ​जल संसाधन संवर्ग: लघु जल संसाधन विभाग में हाइड्रोलॉजिस्ट, हाइड्रो जियोलॉजिस्ट और जियोफिजिसिस्ट संवर्ग की नियुक्ति व सेवा शर्तों के लिए 2026 की नई नियमावली मंजूर, जिसमें केवल सीधी भर्ती का प्रावधान है।
  • ​जलापूर्ति परियोजनाएं: किशनगंज को 53.71 करोड़ और लखीसराय को 150.96 करोड़ रुपए मिलेंगे।
  • ​शिक्षा का विस्तार: 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 पॉलीटेक्निक संस्थानों में मशीन व उपकरणों की खरीद के लिए 60.49 करोड़ रुपए प्रत्येक को मंजूर किए गए हैं।
  • ​न्यायिक सुधार: अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार मामलों के लिए 19 विशेष न्यायाधीशों के पद सृजित किए गए हैं। साथ ही, भ्रष्टाचार निवारण मामलों की सुनवाई के लिए पटना और मुजफ्फरपुर में तीन नए विशेष न्यायालयों के गठन की मंजूरी दी गई है।
  • ​पटना हाईकोर्ट: बहुउद्देशीय भवन की संशोधित लागत के लिए 57.33 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं।