Bihar Daroga Bharti 2026: बिहार पुलिस में 1799 दारोगा की बहाली को लेकर हुई मुख्य परीक्षा के दौरान कथित धांधली मामले में जांच का दायरा बढ़ सकता है। दरअसल आर्थिक अपराध इकाई ( EOU) की SIT फिलहाल पूर्णिया के साइबर थाना और गया जी के रामपुर थाना में दर्ज केसों की जांच कर रही है।

वायरल तस्वीर और वीडियो की भी होगी जांच

वहीं छात्र संगठनों द्वारा कई अन्य जगहों पर भी धांधली की शिकायत किए जाने को देखते हुए EOU ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) को पत्र लिखा है। इस पत्र में छात्रों द्वारा उठाये गये बिंदुओं, परीक्षा में धांधली से संबंधित कथित तस्वीर और वीडियो भी संलग्न किया गया है। ई ओ ने बीपीएसएससी से कहा है कि विभिन्न परीक्षा केंद्रों से संबंधित इन वीडियो और तस्वीरों का सत्यापन कराते हुए जानकारी दी जाए, ताकि इनकी सत्यता की पुष्टि हो सके।

SIT ने छात्रों से मांगी थी शिकायत

EOU की SIT ने जांच को लेकर इकाई का टॉल फ्री नंबर, वाट्सअप नंबर और ई-मेल आईडी सार्वजनिक कर छात्रों से इससे जुड़ी गोपनीय शिकायत देने की मांग की थी। ईओयू सूत्रों के मुताबिक, छात्रों से पूर्णिया और गया जी के अलावा भी कुछ जिलों से शिकायत मिली है, जिनका सत्यापन वाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सत्यापन कराया जाना आवश्यक है।

प्रक्रिया स्थगित कर दी है। अब परीक्षा राज्य सरकार ने फिलहाल बहाली की प्रक्रिया नवगठित परीक्षा सुधार कमेटी की रिपोर्ट के बाद हो आगे बढ़ेगी। गठित परीक्षा सुधार कमेटी तीन माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पर लगाई रोक

1799 दरोगा पदों पर भर्ती को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने फिलहाल भर्ती प्रक्रिया रोक दी है। अब परीक्षा को आगे कराने का फैसला परीक्षा सुधार के लिए बनाई गई नई कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा के लिए इस कमेटी का गठन किया है। कमेटी करीब तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि 1799 दरोगा पदों की भर्ती प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाए।

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