पटना। बिहार पुलिस को जल्द नया मुखिया मिलने वाला है। मौजूदा डीजीपी विनय कुमार का दो साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो रहा है। ऐसे में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तक संभावित नामों और वरिष्ठता को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। सबसे खास बात यह है कि इस बार डीजीपी की कुर्सी की रेस में एक महिला अधिकारी का नाम भी सबसे आगे चल रहा है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक गृह विभाग ने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके डीजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों का पैनल तैयार कर लिया है। इस पैनल को जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजे जाने की तैयारी है। इसमें ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनकी सेवा दिसंबर के बाद भी कम से कम छह महीने से अधिक बची है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात डीजी रैंक के अधिकारी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।
यूपीएससी से होगा अंतिम चयन
राज्य सरकार की ओर से भेजे गए पैनल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से विचार-विमर्श करेगा। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों से यह भी पूछा जाएगा कि वे बिहार लौटकर डीजीपी की जिम्मेदारी संभालने के इच्छुक हैं या नहीं। इसके बाद यूपीएससी की ओर से तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। फिलहाल डीजी रैंक में करीब 10 आईपीएस अधिकारी हैं। हालांकि, सेवानिवृत्ति की वजह से अरविंद कुमार, परेश सक्सेना और सुनील कुमार झा डीजीपी की रेस से बाहर माने जा रहे हैं। इसके बाद वरिष्ठता और सेवा अवधि के आधार पर कुछ चुनिंदा अधिकारी ही मुख्य दावेदार बचते हैं।
इन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा
- प्रीता वर्मा: 1991 बैच की बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी और वरिष्ठता में सबसे ऊपर। वर्तमान में डीजी फायर एवं होमगार्ड सर्विस की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। चयन होने पर वह बिहार की पहली महिला डीजीपी बन सकती हैं।
- भृगु श्रीनिवासन: 1992 बैच के अधिकारी और वरिष्ठता में दूसरे स्थान पर। फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर NSG के डीजी हैं। बिहार लौटने की इच्छा जताने पर उनकी दावेदारी मजबूत होगी।
- जितेंद्र सिंह गंगवार: 1993 बैच के अधिकारी। एडीजी मुख्यालय, EOU और विशेष शाखा में काम कर चुके हैं। वर्तमान में डीजी निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- जितेंद्र कुमार: 1993 बैच के अधिकारी, जिन्हें CID और मुख्यालय का लंबा अनुभव है। फिलहाल केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के चेयरमैन हैं और डीजी बी-सैप की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- कुंदन कृष्णन: 1994 बैच के तेज-तर्रार अधिकारी। पटना एसएसपी से लेकर आईजी और एडीजी मुख्यालय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। फिलहाल विशेष शाखा और STF के डीजी हैं।
अब नजर इस बात पर है कि यूपीएससी की प्रक्रिया के बाद किन तीन नामों पर मुहर लगती है और बिहार की कमान आखिर किस अधिकारी के हाथ आती है।



