रोहतास। जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) डॉ. विमल कुमार की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 1 अगस्त की रात औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के विरोध में पूरे बिहार के EO अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बिहार नगर सेवा संघ (BUSA) के 78 अधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी इस लेटर के तहत, जब तक सुरक्षा व्यवस्था बहाल नहीं होती, तब तक काम बंद रखने की चेतावनी दी गई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के खुलासे
सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. विमल कुमार के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। किसी ठोस (सॉलिड) वस्तु से उन पर हमला किया गया था। अत्यधिक खून बहने और दम घुटने को उनकी मौत की मुख्य वजह बताया गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस रिपोर्ट के सभी बिंदुओं पर अभी कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस जांच और ड्राइवर का कबूलनामा
मगध रेंज के IG विकास वैभव के अनुसार, गिरफ्तार ड्राइवर मिथलेश कुमार ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। ड्राइवर का कहना है कि काम के दबाव और रास्ते में गाड़ी रोकने को लेकर हुए विवाद के बाद उसने पीछे रखे रॉड से हमला कर दिया, जिससे अफसर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, आरोपी ड्राइवर की पत्नी आरती देवी ने इन दावों को खारिज करते हुए अपने पति को निर्दोष बताया है। उनका आरोप है कि उनके पति को पुलिस द्वारा बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी और आरोप
इस हत्याकांड को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवर पर पूरा मामला थोपा जा रहा है और इस हत्याकांड में एनडीए (LJP) के एक विधायक मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शामिल हैं, जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।


