कुंदन कुमार, पटना। किसानों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज मंगलवार (15 सितंबर) से कृषि, राजस्व एवं भूमि सुधार तथा सहकारिता विभाग के माननीय मंत्रियों एवं वरीय पदाधिकारियों के साथ संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा तीनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।

मंत्रियों ने योजनाओं की समीक्षा की

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल एवं सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने किसानों के हित में संचालित एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत Farmer Registry, Farmer ID के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद व्यवस्था, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।

इस मौके पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास में किसान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसानों की आय, उनकी उपज और उनके हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। तीनों विभागों के समन्वित प्रयास से किसान-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

53 लाख से अधिक किसानों की Farmer Registry तैयार

बिहार में Farmer Registry के निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है, अब तक लगभग 53 लाख से अधिक किसानों की Farmer Registry तैयार की जा चुकी है। Farmer Registry के माध्यम से किसान की पहचान, भूमि एवं कृषि संबंधी जानकारी को एक व्यवस्थित डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने में सहायता मिलेगी। फार्मर आइ०डी० से किसानों की पहचान, योजनाओं के लक्ष्य निर्धारण तथा विभिन्न कृषि सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, फसल बीमा, आपदा सहायता एवं विभिन्न अनुदान योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी यह महत्वपूर्ण आधार बनेगी।

मंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य तकनीक को किसान की ताकत बनाना है। Farmer Registry के माध्यम से सही किसान तक सही योजना और सही समय पर सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

दिलीप कुमार जायसवा ने कही ये बात

वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि Farmer Registry से संबंधित कार्यों के सुचारु एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राजस्व विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए दिए गए हैं , ताकि जिला, अंचल एवं संबंधित स्तर पर कृषि विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए किसानों की भूमि एवं Farmer Registry से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा किया जा सके।

उन्होंने बताया कि जहां कंसान के नाम भूमि का Mutation होता है, वहां Mutation की प्रक्रिया के साथ ही संबंधित किसान की Farmer Registry तैयार करने तथा यदि किसान की पहले से Farmer ID/Farmer Registry बनी हुई है, तो Mutation के माध्यम से प्राप्त भूमि की जानकारी को उसकी मौजूदा Farmer Registry में जोड़ने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा।

MSP आधारित खरीद व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद व्यवस्था को और प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है। Farmer Registry के माध्यम से किसान की पहचान एवं कृषि संबंधी जानकारी व्यवस्थित होने से भविष्य में खरीद प्रक्रिया और भुगतान व्यवस्था को सही लाभार्थी से जोड़ने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग PACS एवं सहकारी संस्थाओं के माध्यम से उनकी उपज के संग्रहण, खरीद एवं बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्य करेगा।

रामकृपाल यादव ने कहा कि सहकारिता व्यवस्था के माध्यम से किसानों को संस्थागत ऋण और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। तीनों विभागों के समन्वय से KCC सहित किसान हित की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि Farmer Registry के माध्यम से किसान की पहचान एवं भूमि संबंधी जानकारी व्यवस्थित होने से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पात्र किसानों की पहचान, बीमा कवरेज से संबंधित प्रक्रिया तथा फसल क्षति के आकलन एवं मुआवजा प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने में सहायता मिल सकती है।

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