पटना। देश के कई राज्यों में मौसमी इन्फ्लुएंजा (H1N1) के बढ़ते मामलों के बीच बिहार की राजधानी पटना में भी इस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (RMRI) में हुई जांच के दौरान कंकड़बाग और अगमकुआं के दो मरीजों में H1N1 पॉजिटिव पाया गया है। हालांकि दोनों की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यभर के अस्पतालों को हाईअलर्ट पर रख दिया गया है।
राज्यों में स्थिति और मौसमी बदलाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के आंकड़े तेजी से बढ़े हैं। मॉनसून के मौसम और हवा में नमी के कारण यह वायरस वातावरण में अधिक समय तक जीवित रहता है, जिससे इसके फैलने का खतरा बढ़ गया है। राहत की बात यह है कि फिलहाल कोई नया या खतरनाक म्यूटेटेड स्ट्रेन सामने नहीं आया है, और यह सामान्य मौसमी इन्फ्लुएंजा की तरह ही है।
लक्षण और पहचान
H1N1 के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी शामिल हैं। हालांकि, सांस लेने में तकलीफ, सीने में भारीपन या 4-5 दिन बाद भी बुखार न उतरने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों में सुस्ती या अत्यधिक तेज सांस लेने जैसे लक्षण दिखने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बचाव और सतर्कता के उपाय
डॉक्टरों के अनुसार, यह संक्रमण आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इससे बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय अपनाए जा सकते हैं:
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें।
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
- हाथों को बार-बार साबुन या सैनिटाइजर से साफ करें।
- फ्लू के लक्षण दिखने पर बच्चों को स्कूल न भेजें और घर के बुजुर्गों से दूरी बनाए रखें।


