पटना। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोहों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग के हवलदार अनुदेशक (अधिनायक अनुदेशक) परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में ईओयू ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

​हाजीपुर से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

​बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आर्थिक अपराध थाना (दिनांक 30 जुलाई 2026) के तहत बिहार लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम 2024 की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
​यह पूरा मामला नगर थाना हाजीपुर के अनुसंधान के दौरान सामने आया। जांच में यह महत्वपूर्ण सूचना मिली थी कि इस कांड में शामिल मुख्य अभियुक्त राज समदर्शी उर्फ राजा (उम्र 25 वर्ष) हाजीपुर केंद्र पर परीक्षा में शामिल होने वाला है। यह परीक्षा 29 जुलाई 2026 को आयोजित होनी थी। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हाजीपुर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र के पास से राज समदर्शी को हिरासत में ले लिया।

​पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा और अन्य गिरफ्तारियां

​हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी राज समदर्शी ने परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग की बात पुलिस के सामने स्वीकार कर ली। पूछताछ के दौरान उसने अपने सहयोगी अभिषेक कुमार (उम्र 21 वर्ष) का नाम भी उजागर किया। इसके अलावा, आरोपी ने अप्रैल 2026 में आयोजित एईडीओ परीक्षा में भी इसी प्रकार अनुचित साधनों का उपयोग करने की बात कबूल की।
​जांच में यह भी सामने आया कि हवलदार अनुदेशक परीक्षा के प्रश्न पत्रों के उत्तर बायोमेट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार (उम्र 28 वर्ष) के माध्यम से राज समदर्शी तक पहुंचाए जाने थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राज समदर्शी और अभिषेक कुमार के मोबाइल फोन की गैलरी की जांच की, जिसमें परीक्षा से संबंधित कई एडमिट कार्ड और उत्तर पुस्तिकाएं बरामद हुईं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा से पहले दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर भेजी गई थीं।

​बेऊर जेल भेजे गए आरोपी, आगे भी जारी रहेगी जांच

​पर्याप्त साक्ष्य और संलिप्तता पाए जाने के बाद ईओयू ने राज समदर्शी उर्फ राजा, अभिषेक कुमार और बायोमेट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को विधिवत अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया है।
​बिहार पुलिस मुख्यालय और आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। इस कांड में संलिप्त अन्य संदिग्धों की भूमिका का भी बारीकी से सत्यापन किया जा रहा है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।