प्रमोद कुमार, कैमूर। बिहार के कैमूर जिले स्थित कुदरा नगर पंचायत क्षेत्र में नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध उगाही का खेल बेधड़क जारी है। नेशनल हाईवे-19 पर भभुआ मोड़ के पास सैरात और तहबाजारी के नाम पर वाहनों से खुलेआम जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं। सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे पर नगर निकाय द्वारा किसी प्रकार की सैरात वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित है, फिर भी पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे यह कारोबार फल-फूल रहा है।
दबंगई के साए में ऑटो चालक, मारपीट का डर
स्थानीय ऑटो और वाहन चालकों का आरोप है कि टेंडर धारक के कर्मचारी बीच सड़क पर गाड़ियां रोककर उनसे रोजाना वसूली करते हैं। पैसे देने से मना करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती है। रोजी-रोटी के संकट और दबंगों के डर से चालक चुपचाप पैसे देने को मजबूर हैं। चालकों का कहना है कि प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है, जिससे अवैध वसूली करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे अधिकारी
इस पूरे मामले पर प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी लेने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है। कुदरा नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी उजाली राज का कहना है कि नगर पंचायत की ओर से कोई अवैध वसूली नहीं कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अवैध उगाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्थानीय थाने को लिखित आवेदन दिया गया है।
दूसरी ओर, कुदरा थानाध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी ने ऐसी किसी भी लिखित सूचना मिलने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि वसूली कहां और किस नियम के तहत हो रही है। जिला स्तर के वरीय अधिकारी भी इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
मुख्य सड़क पर तहबाजारी पूरी तरह गैर-कानूनी
नियमों के मुताबिक नगर निकायों को केवल निर्धारित वेंडिंग ज़ोन या पार्किंग स्थल पर ही शुल्क लेने का अधिकार होता है। हाईवे या मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों से पार्किंग के नाम पर पैसे वसूलना पूरी तरह गैर-कानूनी है। इसके बावजूद भभुआ मोड़ पर सरेआम जारी इस रंगदारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक पुलिस और नगर प्रशासन मिलकर ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक आम चालकों को इस अवैध रंगदारी टैक्स से राहत मिलना मुश्किल दिख रहा है।

