कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में शराबबंदी को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की हालिया घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी अभियान पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा। एजाज अहमद ने इसे उन एनडीए नेताओं के लिए एक बड़ा झटका बताया है, जो पर्दे के पीछे से शराब माफियाओं के हितों को साधने के लिए बार-बार कानून की समीक्षा की मांग कर रहे थे।
महिलाओं का अटूट समर्थन और सामाजिक बदलाव
राजद प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि शराबबंदी केवल एक नीति नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि इस कानून का सबसे सकारात्मक प्रभाव बिहार की महिलाओं और उनके परिवारों पर पड़ा है। पहले जो घर ‘अपसंस्कृति’ और शराब के कारण होने वाले कोलाहल का केंद्र थे, वहां अब शांति और सुरक्षा का माहौल है। महिलाएं अब इस शांतिपूर्ण वातावरण में अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य को संवारने पर ध्यान केंद्रित कर पा रही हैं।
शोषित और वंचित वर्गों को मिली नई दिशा
एजाज अहमद के अनुसार, शराबबंदी का सबसे अधिक लाभ समाज के शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को मिला है। इन समुदायों के घरों में छाई आर्थिक बदहाली और घरेलू हिंसा में शराबबंदी के बाद से भारी कमी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार की आधी आबादी यानी महिलाएं इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि यह उनके सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
शराब माफिया और एनडीए विधायकों पर कटाक्ष
हाल के दिनों में एनडीए के कुछ विधायकों द्वारा शराबबंदी की समीक्षा के बयानों पर हमला बोलते हुए एजाज अहमद ने कहा कि ऐसे नेता शराब माफियाओं के इशारे पर बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि, महिलाओं के निरंतर दबाव और जनभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को स्पष्ट संदेश देना पड़ा है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। यह उन ताकतों की हार है जो बिहार को वापस पुराने दौर में धकेलना चाहती थीं।
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