पुणे और पिंपरी-चिंचवड में नकली शराब पीने से पिछले तीन दिनों में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। इस जहरीली शराब कांड की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं. शराब में जरूरत से ज्यादा मेथेनॉल अधिक फायदे के लिए मिलाने के कारण ये मौतें हुई है। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, वहीं विभाग की काम करने के तरीके पर भी सवाल उठने लगे है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्तों को मौतों के कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया है. उन्होंने दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में हुए जहरीली शराब कांड से मौतें ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इस शराब कांड में 15 लोगों की मौत हो गई है. पुलिस के अनुसार उन मौतों का कारण शराब में जरूरत से ज्यादा मेथेनॉल मिलना है। जांच के अनुसार पुणे शहर के उरळी कांचन गांव के निवासी राधेश्याम प्रजापती (35) कथित तौर पर शराब तैयार करने का काम करता था. योगेश वानखेड़े (23) नाम का व्यक्ति राधेश्याम प्रजापती से खरीदकर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में वैध शराब अड्डों तक पहुंचाता था।
पुलिस के अनुसार, योगेश के खिलाफ शराब तस्करी से जुड़े तीन मामले अलग-अलग पुलिस थाने में भी दर्ज हैं. योगेश वानखेड़े ने दोगुनी लाभ कमाने के कारण शराब में में मेथेनॉल की मात्रा को जरूरत से ज्यादा मिलाया जो की मौत का कारण बना. मेथेनॉल की मात्रा को ज्यादा मिलाने से शराब की मात्रा लगभग दोगुनी हो जाती थी.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने शहरों के पुलिस आयुक्तों को जांच करने और मौतों के कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया है. जिससे की दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलायी जा सकें.
पुलिस ने इस मामले में अभी तक पिंपरी-चिंचवड़ से 6 आरोपियों को और पुणे से 2 आरोपियों को पकड़ा है. वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है की इस मामले में मृतकों की सही संख्या में इजाफा हो सकता है।
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