कुंदन कुमार/ पटना। बिहार सरकार के मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की अपील को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। पटना के सचिवालय गलियारों में आज उस वक्त हलचल मच गई, जब सूबे के दो कद्दावर मंत्री पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी परंपरागत वीआईपी कल्चर को छोड़कर सादगी के साथ अपने दफ्तर पहुंचे।
पैदल दफ्तर पहुंचे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश आज अपने सरकारी आवास से पैदल ही विकास भवन स्थित विभागीय कार्यालय के लिए निकल पड़े। चिलचिलाती धूप के बावजूद उन्हें पैदल चलता देख राहगीर और कर्मचारी दंग रह गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से जो अपील की है, उसे हमें अपने जीवन में उतारना होगा।
मंत्री ने घोषणा की कि वे अब से सप्ताह में कम से कम एक दिन पैदल कार्यालय आएंगे। उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि वे पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत और उससे होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए साइकिल या पैदल चलने की आदत डालें।
ई-रिक्शा की सवारी कर सचिवालय पहुंचे शिक्षा मंत्री
वहीं दूसरी ओर, बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी पीएम की अपील पर अनोखा अंदाज अपनाया। वे अपनी लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर ई-रिक्शा से सचिवालय पहुंचे। मंत्री तिवारी ने संदेश दिया कि बदलाव की शुरुआत खुद से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना समय की मांग है।
प्रधानमंत्री की अपील का बिहार में व्यापक असर
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण को लेकर जो विजन साझा किया था, बिहार के मंत्रियों की यह पहल उसी की एक कड़ी मानी जा रही है। सचिवालय में चर्चा है कि आने वाले दिनों में अन्य विभाग के मंत्री और अधिकारी भी इसी तरह के छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाकर जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश दे सकते हैं।

