कुंदन कुमार/पटना/​कोलकाता। भाजपा के वरिष्ठ नेता ऋतुराज सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि राज्य में अब डर और तुष्टीकरण की राजनीति का समय समाप्त हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में दबाव की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है और जनता अब बदलाव के लिए कमर कस चुकी है।

​वोट बैंक की राजनीति का अंत

​सिन्हा ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से बंगाल में केवल एक विशेष वोट बैंक को साधने के लिए हिंदू समाज की भावनाओं को व्यवस्थित रूप से कुचला गया है। उन्होंने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करके जनता की आवाज को दबाने का जो प्रयास किया गया, वह अब विफल हो रहा है। ऋतुराज सिन्हा के अनुसार, जनता अब अपनी सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए जागृत हो चुकी है।

​सत्ता का लोकतंत्रीकरण बनाम राजनीतिक स्वार्थ

​सिन्हा ने आगे कहा कि मौजूदा जनाक्रोश उस पूरी व्यवस्था के खिलाफ है, जिसने शासन को जनसेवा का माध्यम बनाने के बजाय अपने निजी राजनीतिक हितों का उपकरण बना लिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता अब ऐसी सरकार चाहती है जो तुष्टीकरण से ऊपर उठकर न्याय और समान अधिकारों की बात करे।
​यह बयान उस बढ़ती हुई बेचैनी को दर्शाता है, जो राज्य में राजनीतिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। सिन्हा की यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि आने वाले समय में बंगाल की जनता केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि एक ऐसे ढांचे की मांग कर रही है जहां लोकतंत्र की गरिमा सुरक्षित रहे।