पटना। बिहार की राजधानी के फुलवारीशरीफ इलाके में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गोपालपुर थाना पुलिस और डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) की संयुक्त छापेमारी में करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका जीजा, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, फिलहाल फरार है।

​छापेमारी और बरामदगी का विवरण

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नयाचक के बेईमान टोला निवासी संतोष साव अपने घर से अवैध मादक पदार्थों का बड़ा कारोबार चला रहा है। सूचना के आधार पर संपतचक अंचलाधिकारी की निगरानी में टीम ने संतोष साव के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान घर के एक कमरे में लकड़ी की अलमारी के नीचे छिपाकर रखे गए प्लास्टिक के पैकेट बरामद हुए।
​जांच में इनमें से 5 किलो 815 ग्राम हेरोइन और 815 ग्राम ब्राउन शुगर निकली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत 7 करोड़ रुपये आंकी गई है। बरामदगी में मादक पदार्थों के अलावा 18 लाख 66 हजार 110 रुपये नकद, एक 315 बोर का देशी कट्टा, 10 कारतूस और एक मोबाइल फोन भी शामिल है। साथ ही, मौके से एक स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है, जिसके चोरी की होने का संदेह है। गाड़ी की डिक्की से जमीन के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।

​जीजा-साले की जुगलबंदी

​पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार (38) के रूप में हुई है। पूछताछ में कृष्ण ने खुलासा किया कि वह अपने जीजा संतोष साव के इशारे पर काम करता था। यह गिरोह उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पटना लाता था और फिर शहर के विभिन्न इलाकों में इसकी सप्लाई करता था।
​सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि संतोष साव इस अवैध धंधे का मुख्य आरोपी है। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इस बड़ी खेप के पकड़े जाने से पटना में सक्रिय ड्रग माफियाओं के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल, पुलिस बरामद दस्तावेजों और गाड़ी की गहन जांच कर रही है ताकि इस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।