Bihar weather update: बिहार में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम विभाग ने राज्य के 30 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश और वज्रपात की संभावनाओं के बीच जनजीवन पर इसका असर साफ दिखने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य के 4 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 26 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका है। विभाग ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बीते 24 घंटों के दौरान बांका, बक्सर और औरंगाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है जबकि पटना, गया, नालंदा समेत कई जिलों में वर्षा दर्ज की गई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
- 2 जुलाई: राजधानी पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे कहीं-कहीं मध्यम बारिश और उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। उत्तर बिहार और सीमांचल के क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार हैं।
- 3 जुलाई: पटना सहित दक्षिण और मध्य बिहार में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि सासाराम और गया में तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
- 4 से 6 जुलाई: मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, सहरसा और गोपालगंज सहित उत्तर और पूर्वी बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
जुलाई में मानसून की स्थिति और चिंताएं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष जुलाई में बिहार में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। राज्य में तापमान सामान्य से अधिक (अधिकतम 32-34°C और न्यूनतम 24-26°C) रहने का अनुमान है। यह स्थिति कृषि और पेयजल के लिए चिंता का विषय है। बिहार में धान की मुख्य रोपनी के लिए जुलाई सबसे महत्वपूर्ण महीना है जिसमें सामान्यतः 340.5 मिमी बारिश अपेक्षित होती है।
जून की स्थिति और संभावित प्रभाव
मानसून की कमजोरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून के महीने में बिहार में सामान्य (163.3 मिमी) के मुकाबले केवल 87.8 मिमी बारिश हुई जो 46% की भारी कमी को दर्शाता है। भीषण लू और कम बारिश के चलते जून का महीना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। यदि जुलाई में भी बारिश की कमी बनी रही, तो धान की खेती प्रभावित होगी और किसानों को सिंचाई के लिए भूजल पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, उच्च तापमान और उमस के कारण हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बिजली की खपत में भी भारी बढ़ोतरी की आशंका है।

