बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 28 जिलों में बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 25 अगस्त तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और इस दौरान कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है।
10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और वज्रपात की आशंका
मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक, आज राज्य के 10 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली यानी वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा, अन्य 18 जिलों में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पटना समेत दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में भी बारिश के पूरे आसार बने हुए हैं।
पटना में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, गांधी घाट खतरे के निशान से ऊपर
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है, जिससे गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी पटना में भी गंगा का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। पिछले 24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। दीघा में खतरे का निशान 50.45 मीटर और गांधी घाट पर 48.60 मीटर निर्धारित है। इसी तरह बेगूसराय के मुंगेर घाट पर भी जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों को अंतिम संस्कार जैसे कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

रोहतास में सबसे अधिक बारिश, तापमान में आएगी गिरावट
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के रोहतास जिले में सबसे अधिक 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा किशनगंज में 26 मिमी, अररिया में 18 मिमी, गोपालगंज में 13 मिमी और समस्तीपुर में 6.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय रहने से आगामी दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। पटना में पिछले 24 घंटे का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें अब बारिश के बाद राहत मिलने की उम्मीद है।
अब तक सामान्य से कम हुई है बारिश
भले ही वर्तमान में मानसून सक्रिय है, लेकिन पूरे सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार में बारिश की कमी अब भी बनी हुई है। इस अवधि तक राज्य में सामान्य तौर पर 690.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 410.7 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है, जो कि सामान्य से लगभग 41% कम है। आने वाले दिनों की बारिश इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है।

