Weather update: बिहार में इस साल मानसून 11 जून को समय से पहले पहुंचा तो सही लेकिन उसके बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 28 जून तक राज्य में 140.4 मिमी के मुकाबले मात्र 69.8 मिमी बारिश हुई है जो सामान्य से 50 फीसदी कम है। राज्य के 38 में से केवल 6 जिलों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा दर्ज की गई है जबकि 18 जिलों में स्थिति चिंताजनक है जहां बारिश का आंकड़ा 50 प्रतिशत से भी नीचे है।
खगड़िया में राहत, पटना में अब भी उमस
सोमवार की सुबह खगड़िया में हुई बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। रविवार को जमुई और नालंदा में भी हल्की बारिश हुई। इसके विपरीत राजधानी पटना का हाल बेहाल है। यहां सुबह बादल छाए रहने और हल्की फुहारों के बावजूद दिन चढ़ते ही तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है। गर्मी के मद्देनजर पटना में कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 30 जून तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। वहीं जहानाबाद में स्कूलों का समय सुबह 11.30 बजे तक सीमित कर दिया गया है।
किशनगंज में बाढ़ का संकट और मौसम का पूर्वानुमान
नेपाल में हो रही लगातार बारिश का असर अब सीमांचल पर दिखने लगा है। किशनगंज की नदियां उफान पर हैं जिससे दिघलबैंक प्रखंड के करूआमनी इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यहां 8 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले सात दिनों तक 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वर्षा होने की संभावना है। 29 से 30 जून के बीच पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
जुलाई में मानसून होगा पूरी तरह सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के बिहार की ओर खिसकने से अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। 1 जुलाई से राज्य के पटना, नालंदा, भोजपुर और अरवल सहित अधिकांश जिलों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। जुलाई का पहला सप्ताह राज्य के किसानों और आम जनजीवन के लिए राहत लेकर आने वाला है।

