पटना/बाढ़: बिहार के पटना जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है, जहां बाढ़ अनुमंडल के सकसोहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत दल्लोचक गांव में एक 17 साल पुराना पुल अचानक भरभराकर गिर गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब गांव के कुछ युवक पुल पर बैठकर चर्चा कर रहे थे। पुल के अचानक जमींदोज होने से उस पर मौजूद पांचों युवक सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरे और मलबे के नीचे दब गए।

​सुबह की शांति चीख-पुकार में बदली

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। उस समय दल्लोचक गांव के पांच से सात युवक पुल की रेलिंग के पास बैठकर आपस में बातचीत कर रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जिस पुल का वे सालों से इस्तेमाल कर रहे हैं, वह पल भर में मौत का जाल बन जाएगा। अचानक तेज आवाज के साथ पुल का ढांचा ढह गया और सभी युवक मलबे के साथ नीचे जा गिरे।

​देवदूत बने ग्रामीण: बांस-लकड़ी के सहारे चला रेस्क्यू

​हादसे के तुरंत बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना किसी सरकारी मदद का इंतजार किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने स्थानीय संसाधनों जैसे बांस और लकड़ियों का जुगाड़ किया और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

​तीन युवकों की हालत नाजुक

​इस हादसे में घायल हुए मुनचुन कुमार ने बताया कि सबकुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय निवासी राम कुमार पासवान ने जानकारी दी कि कुल पांच युवक घायल हुए हैं, जिनमें से तीन की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज फिलहाल सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहा है।

​गांव का संपर्क टूटा, प्रशासन पर उठे सवाल

​यह पुल गांव के एक हिस्से को दूसरे हिस्से से जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग था। इसके ध्वस्त होने से अब ग्रामीणों के सामने आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ रोष है, क्योंकि 17 साल पुराने इस जर्जर पुल की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया। अब ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द नए पुल के निर्माण की मांग की है ताकि गांव का संपर्क फिर से बहाल हो सके।