पटना। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए एक व्यापक प्रशासनिक सुधार अभियान शुरू किया है। राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के नेतृत्व में हुई समीक्षा बैठक में तकनीकी नवाचार, नई नियुक्तियों और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।
लंबित दाखिल-खारिज मामलों पर सर्जिकल स्ट्राइक
विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि जो दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामले 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में निपटाया जाए। नियमों के अनुसार, अविवादित मामलों को 35 दिन और विवादित मामलों को 75 दिनों में पूरा करना अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब भविष्य में कोई भी मामला 75 दिनों की सीमा को पार नहीं करना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
AI और डिजिटल तकनीक का समावेश
बिहार सरकार अब सरकारी जमीनों की पहचान, निगरानी और अतिक्रमण रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। इसके साथ ही, अब भू-अभिलेखों के लिए ऑफलाइन व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही रिकॉर्ड जारी होंगे। मंत्री ने निर्देश दिया है कि ‘बिहारभूमि पोर्टल’ की तकनीकी खामियों को दूर कर आईटी सेल को और अधिक सशक्त बनाया जाए।
’अभियान बसेरा’ और भूमिहीन परिवारों को राहत
आगामी जून महीने में राज्यव्यापी ‘अभियान बसेरा’ की शुरुआत होगी। इसके तहत भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब लाभार्थी सीधे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, जिससे बिचौलियों और राजस्व कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी।
बंपर बहाली और ऑनलाइन ट्रांसफर
विभाग में कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए राजस्व कर्मचारी, अमीन और राजस्व लिपिक संवर्ग के रिक्त पदों पर जल्द ही नई बहाली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, पारदर्शिता लाने के लिए राजस्व कर्मचारियों के स्थानांतरण (Transfer) की प्रक्रिया को भी डिजिटल कर दिया गया है। 13 मई 2026 से लाइव हुए पोर्टल पर कर्मचारी 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
भ्रष्टाचार पर लगाम और नई व्यवस्थाएं
खासमहल जमीनों की जिलावार सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन पर अंचल अधिकारियों का कोई अधिकार नहीं होगा। साथ ही, विभाग में भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक विशेष आर्थिक अपराध इकाई सेल गठित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। इन सुधारों का उद्देश्य बिहार की भूमि सुधार प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और आम जनता के लिए सुलभ बनाना है।

