Bihar Top News Today 27 july 2026: बिहार (BIHAR) में आज 27 जुलाई को क्या कुछ खास रहा? कहां कौन सी घटना घटी? किस नेता के बयान से सियासत गरमाई? अगर आप से जरूरी खबरें छूट गई हैं तो लल्लूराम डॉट कॉम (Lalluram.com) पर एक क्लिक में पढ़ सकते हैं. आइए एक नजर डालते हैं अब तक की बड़ी खबरों पर…
उमस भरी गर्मी से आवासीय स्कूल की 7 बच्चियां बेहोश
सासाराम। अनुमंडल क्षेत्र के अगरेर थाना क्षेत्र स्थित मोकर गांव से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां संचालित राजकीय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय की सात छात्राएं अचानक तेज गर्मी और उमस के कारण बेहोश हो गईं। इस घटना के बाद पूरे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और शिक्षकों तथा प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बिना देर किए स्कूल के शिक्षकों ने सभी बीमार बच्चियों को इलाज के लिए सासाराम के सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की देखरेख में उनका तुरंत इलाज शुरू किया गया।
नितिन नवीन का भव्य रोड शो
पटना। बिहार की राजधानी पटना का सियासी पारा इन दिनों अपने चरम पर है। चुनावी सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के समर्थन में पटना की सड़कों पर एक भव्य और विशाल रोड शो का आयोजन किया गया है। इस रोड शो के जरिए एनडीए गठबंधन ने अपनी ताकत का अहसास कराते हुए विपक्षी दलों को कड़ा संदेश दिया है। इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक आयोजन में एनडीए के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने चुनाव का माहौल पूरी तरह से गर्मा दिया है।
युवक की गोली मारकर हत्या
नालंदा। जिले से एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सरथुआ खुर्द गांव में सोमवार को दिनदहाड़े बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश का माहौल है।
मृतक की पहचान स्थानीय निवासी देवनन्दन पासवान के पुत्र सन्नी पासवान के रूप में की गई है। शुरुआती विवरण के अनुसार, सन्नी सोमवार को अपने घर से खेत की तरफ जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में पहले से ही घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे अचानक घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
तेजस्वी बोले- बांकीपुर में इस बार जलेगी लालटेन
पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बयान देते हुए एनडीए सरकार को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में दावा किया है कि इस बार बांकीपुर विधानसभा सीट पर लालटेन जरूर जलेगी। तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार छात्रों और किसानों पर दमनकारी नीतियां अपना रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अन्नदाताओं और युवाओं पर लाठियां और गोलियां बरसाई जा रही हैं, जो सरकार की तानाशाही रवैये को उजागर करता है।
छपरा और सीवान प्रदर्शन में 56 गिरफ्तार
छपरा। 25 जुलाई 2026 को आयोजित प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न विधि-व्यवस्था की स्थिति और घटनाओं को लेकर सारण और सीवान पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं और उपद्रव के मामलों में पुलिस द्वारा लगातार विधिसम्मत और कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों और शांति व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सारण जिले में प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के संबंध में अब तक कुल 04 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों में 186 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जबकि लगभग 2500 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
आंदोलन में हिंसा करने वालों की जारी की 155 उपद्रवियों की तस्वीरें
भागलपुर। जिले में छात्र आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा और उपद्रव के मामलों में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। भागलपुर के व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले तिलकामांझी चौक पर हाल ही में हुए भारी बवाल और हिंसा के मामले में पुलिस ने एक्शन लिया है। इस मामले में अब तक 49 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा, इस पूरी घटना में शामिल करीब 500 अज्ञात उपद्रवियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का मानना है कि छात्र आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की थी।
छात्रों पर AK-47 से गोली चलाने वाला जवान सस्पेंड
Siwan AK-47 Firing: दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक को लेकर सड़क पर जारी संग्राम थम चुका है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया है। हालांकि, इस प्रदर्शन के दौरान बिहार के सिवान में हिंसा देखने को मिली थी। यहां एक जवान ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर AK-47 से गोली चला दी थी जिसमें 3 छात्र घायल हो गए थे। अब इस मामले पर हंगामा शुरू हो गया है। सरकार ने मामले पर कार्रवाई करते हुए संबंधित जवान को सस्पेंड कर दिया है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर बीते 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना समेत कई जिलों में छात्र आंदोलन के दौरान हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले थे। इस दौरान सीवान में पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए AK 47 से गोलियां चलाई थी, जिसकी गोली लगने से 3 छात्र घायल हो गए थे, जिसे लेकर काफी हंगामा देखने को मिल रहा है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई नेता सम्राट सरकार पर लगातार हमलावर हैं।
मनोज तिवारी की सभा में घुसा जन सुराज का समर्थक
पटना। बांकीपुर का उपचुनाव अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। सभी दल के नेता अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए जोर-शोर से प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं। इस बीच भाजपा सांसद और भोजपुरी अभिनेता के साथ पार्टी के स्टार प्रचारक मनोज तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह सभा के दौरान जन सुराज के समर्थक पर गुस्सा करते हुए नजर आ रहे हैं।
पर्यटन मंत्री के बेटे से मांगी 50 लाख की रंगदारी
Bihar Crime: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कुख्यात गैंगेस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ लगातार देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों मेंनेता से लेकर व्यवसायी तक बिश्नोई गैंग की तरफ से कई लोगों से रंगदारी की मांग करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। वहीं, अब लिस्ट में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है। दरअसल बिश्नोई गैंग की तरफ से बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया है।
मधुबनी में भाकपा का जोरदार प्रदर्शन
मधुबनी। भाकपा कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों का यह विशाल जुलूस शहर के टाउन क्लब मैदान से शुरू होकर रेलवे स्टेशन, थाना चौक और समाहरणालय के मुख्य द्वार तक निकाला गया, जहां यह एक नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र-नौजवानों के इस ऐतिहासिक आंदोलन की सबसे बड़ी जीत है।
वक्ताओं ने आगे कहा कि लोकतंत्र के हत्यारे एनडीए सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आखिरकार छात्रों के आक्रोश के आगे झुकना पड़ा, जिससे संपूर्ण देश के नौजवानों और छात्र-छात्राओं का विश्वास दोगुना बढ़ा है। केंद्र सरकार ने आंदोलन को दबाने, कमजोर करने और तोड़ने का हर संभव प्रयास किया था, परंतु नौजवानों और छात्रों की चट्टानी एकता तथा संघर्ष के प्रति कटिबद्धता ने सरकार को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।


