पटना। ​बिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राज्य में ई-चालान का भुगतान नहीं करने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। जानकारी के अनुसार राज्य भर में दो लाख से अधिक ई-चालान लंबे समय से लंबित हैं। इन बकायेदारों पर कार्रवाई करते हुए अब उनके वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है।

​पटना से शुरू हुई कार्रवाई

​परिवहन विभाग की इस मुहिम का असर राजधानी पटना में दिखने लगा है। पटना में अब तक 35 हजार वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। विभाग ने अपनी कार्ययोजना के तहत राज्य के 1 लाख ऐसे वाहनों की सूची तैयार कर ली है जिन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाना है। विभाग ने जिला-वार सूची जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है ताकि बड़े पैमाने पर कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके।

​सड़कों पर पकड़े गए तो जब्त होंगी गाड़ियां

​परिवहन विभाग ने ब्लैकलिस्ट किए गए वाहनों की विस्तृत सूची ट्रैफिक पुलिस को उपलब्ध करा दी है। नियम बहुत स्पष्ट हैं यदि ब्लैकलिस्ट की गई गाड़ी सड़क पर चलती पाई जाती है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। विभाग का कहना है कि वाहन मालिकों को चालान जमा करने के लिए कई बार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद लापरवाही बरती गई। कई मामलों में तो सात से आठ साल पुराने चालान भी लंबित हैं और कुछ वाहनों पर पांच या उससे अधिक चालान पेंडिंग हैं।

​पटना में दोपहिया वाहन सबसे अधिक प्रभावित

​पटना जिले में ब्लैकलिस्ट किए गए 35 हजार वाहनों में सबसे बड़ी संख्या दोपहिया वाहनों की है। अकेले 29 हजार दोपहिया गाड़ियां इस सूची में शामिल हैं। इन चालकों पर मुख्य रूप से हेलमेट नहीं पहनने, गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने, पीछे बैठने वाले सवारी द्वारा हेलमेट न लगाने और ओवरस्पीडिंग जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं।
​परिवहन विभाग की यह सख्ती स्पष्ट संदेश देती है कि यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य है। विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई लंबित राजस्व की वसूली और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपना बकाया चालान समय रहते ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर जांच लें और उसका भुगतान कर दें ताकि उन्हें भविष्य में कानूनी कार्रवाई या वाहन जब्ती जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े।