Bihar News: बिहार सरकार राज्य की परिवहन व्यवस्था को पहले से और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कल रविवार (19 अप्रैल) को राज्य के डिप्टी सीएम सह परिवहन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विभाग के अधिकारियों संग एक बड़ी और अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने यह निर्देश दिया कि, विभाग की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही तय होनी चाहिए, जिससे आम लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सके।

1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज

बैठक के दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को लेकर अपनी चिंता जताई। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाने और घायलों को सही समय पर इलाज मिल सके। इसे ध्यान में रखते हुए सड़क हादसे के पीड़ितों को इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर में डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने का फैसला लिया है।

आईटीएमएस लागू करने की तैयारी

बिहार सरकार ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भी नई तकनीक का सहारा लेने जा रही है। राजधानी पटना समेत राज्य के बड़े शहरों में पीपीपी मोड पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू करने की तैयारी है, जिसकी मदद से ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रखी जा सकेगी।

कई मुद्दों पर हुई चर्चा

सरकार का मकसद साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से काम करना चाहती है। बैठक के दौरान परिवहन सचिव राज कुमार ने डिप्टी सीएम को विभाग के कामकाज और मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, इस दौरान सड़क सुरक्षा से लेकर ड्राइविंग टेस्ट, जल परिवहन और ट्रैफिक सिस्टम तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और जरूरी निर्देश भी दिए गए।

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