पटना। बिहार विधानसभा मानसून सत्र का आज तीसरा रोमांचक और हंगामेदार दिन है। सत्र के पहले दिन जहां सरकार ने विधायी कार्यों की शुरुआत करते हुए 7 नए विधेयक पेश किए थे और 87,383 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा था, वहीं दूसरे दिन मंगलवार को सदन की मुहर लगते हुए कुल 6 महत्वपूर्ण विधेयक स्वीकृत किए गए। अब आज तीसरे दिन सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा में कुल 13 अहम विधेयक पास कराने की पूरी तैयारी में जुटी है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
मंगलवार को इन 6 विधेयकों को मिली थी स्वीकृति
मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान कुल 6 प्रमुख विधेयकों को मंजूरी दी गई, जो राज्य के प्रशासनिक, आर्थिक और सामाजिक ढांचे से जुड़े हुए हैं।
इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक
- बिहार माल और सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक
- भूमि दाखिल खारिज संशोधन विधेयक
- बिहार नर्सेज पंजीकरण संशोधन विधेयक
- बिहार चीनी उपक्रम अर्जन संशोधन विधेयक
- बिहार चिकित्सा संशोधन विधेयक
- आज पेश और पास होने वाले संभावित विधेयक
सूत्रों के अनुसार, आज सम्राट चौधरी की सरकार विधानसभा में कुल 13 विधेयक पास करा सकती है। इनमें विशेष रूप से उच्च शिक्षा विभाग के दो और पंचायती राज विभाग का एक महत्वपूर्ण विधेयक शामिल है। इसके अलावा, सरकार आज कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से अपराध नियंत्रण से संबंधित एक नया संशोधन विधेयक भी सदन में पेश कर सकती है, जिससे प्रशासनिक कसावट आने की उम्मीद है।
प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का गर्मजोशी से सामना
विधानसभा की आज की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही प्रश्नकाल में कई प्रमुख विभागों से जुड़े तीखे सवालों के उत्तर दिए जाएंगे। इसके साथ ही, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत कृषि विभाग और गन्ना उद्योग विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर संबंधित विभाग के मंत्रियों द्वारा सदन में विस्तृत उत्तर प्रस्तुत किए जाएंगे ताकि विधायकों और जनता की शंकाओं का समाधान हो सके।
विपक्ष के कड़े तेवर और हंगामे के पूरे आसार
सदन के भीतर आज का दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार सियासी रस्साकशी का गवाह बन सकता है। एक तरफ जहां सरकार अपने विधायी एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाने की फिराक में है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने की पुख्ता रणनीति तैयार की गई है।
विपक्ष की ओर से राज्य में बढ़ते अपराध, पेपर लीक के गंभीर मामलों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार से बेहद कड़े सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में विपक्षी विधायकों द्वारा सदन के अंदर और बाहर भारी प्रदर्शन किए जाने की प्रबल आशंका जताई जा रही है, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित भी हो सकती है।


