Weather update: बिहार में मानसून की चाल इस बार काफी असमान रही है। जहां एक ओर राज्य में अब तक सामान्य से 41% कम बारिश (324 मिमी के मुकाबले 191.4 मिमी) दर्ज की गई है वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के लिए कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार, 15 जुलाई को किशनगंज, पश्चिम चंपारण और अररिया में ‘अति भारी’ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा सहरसा, पूर्णिया और सुपौल में भी तेज बारिश के आसार हैं। 16 से 20 जुलाई तक अररिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, भागलपुर और जमुई जैसे जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। राजधानी पटना में अगले कुछ दिन बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के साथ तापमान 32 से 34 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। प्रशासन ने वज्रपात (आकाशीय बिजली) को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने और खुले मैदान या पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी है।
उत्तर बनाम दक्षिण बिहार: असमान बारिश का संकट
बिहार में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। उत्तर बिहार के कई जिले जहां भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं, वहीं दक्षिण बिहार के कई इलाके सूखे जैसे हालातों का सामना कर रहे हैं। बीते 24 घंटों में रक्सौल, खगड़िया और कटिहार में अच्छी बारिश हुई, लेकिन रक्सौल में जलजमाव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दूसरी ओर, बक्सर और दरभंगा जैसे जिलों में अभी भी उमस भरी गर्मी का सितम जारी है, जहां तापमान 36-38 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है।
नदियों का बढ़ता जलस्तर
नेपाल में हो रही लगातार बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर दिखने लगा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से औराई को कटरा से जोड़ने वाला पीपा पुल डूब गया है। पटना में गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जबकि मुंगेर में यह खतरे के निशान के बेहद करीब है। दियारा इलाकों में हो रहे कटाव ने स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान
अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे उमस से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव के संकेत नहीं हैं, लेकिन गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी।

