Weather update: बिहार में प्री-मानसून की सक्रियता ने मौसम का नक्शा बदल दिया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश दर्ज की गई है। जहां इस बदलाव से तपती गर्मी से राहत मिली है, वहीं जान-माल का भारी नुकसान भी हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी 2 मई तक राज्य के 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

​हादसों में गई जान, जनजीवन अस्त-व्यस्त

​मौसम के इस उग्र रूप ने कई परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं। कैमूर में आसमानी बिजली गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि पिछले 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की जान जा चुकी है। पटना और बेतिया में सर्वाधिक 2-2 मौतें दर्ज की गईं। सीतामढ़ी में एक पेड़ गिरने से शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गईं, वहीं सारण में टीन शेड की चपेट में आने से एक महिला की जान चली गई। इसके अतिरिक्त, भोजपुर में महुली पीपा पुल के तीन हिस्सों में बंटने और कई जगहों पर दीवार गिरने से लोग घायल हुए हैं।

​शहरों का हाल: अस्पताल बने तालाब, फसलों को नुकसान

​गोपालगंज में स्थिति चिंताजनक है, जहां सदर अस्पताल परिसर में पानी भर जाने से वह तालाब में तब्दील हो गया है। बेगूसराय में भारी ओलावृष्टि ने सामान्य जनजीवन प्रभावित किया, जबकि भोजपुर में खेतों में कटी रखी फसलें भीगने से किसानों को आर्थिक चोट पहुंची है। मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और रक्सौल जैसे उत्तर बिहार के शहरों में भी झमाझम बारिश हुई है।

​तापमान में गिरावट और मौसम का पूर्वानुमान

​तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। पटना में 89 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पारे को 5-6 डिग्री तक नीचे गिरा दिया। राज्य में सबसे कम तापमान मधुबनी (17.8°C) में रहा, जबकि भभुआ 33.3°C के साथ सबसे गर्म रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह अस्थिरता बनी हुई है।
​3 मई के बाद मौसम के धीरे-धीरे सामान्य होने के आसार हैं, हालांकि अगले 48 घंटों में तापमान में फिर से 3 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।