पटना‌। बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। चक्रवात अर्नब का असर भले ही अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 11 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, विभाग का अनुमान है कि 1 से 6 नवंबर के दौरान राज्यभर में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा और इसके बाद किसी बड़ी चेतावनी की संभावना नहीं है।

​इन जिलों में जारी हुआ ताजा अलर्ट

​मौसम विभाग की चेतावनी के दायरे में प्रमुख रूप से दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, नालंदा और नवादा समेत कुल 11 जिले शामिल हैं। इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

​पिछले 24 घंटों में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

​राज्य के पिछले 24 घंटों के मौसमी आंकड़ों पर नजर डालें तो कई जिलों में भारी से अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है।

  • ​बक्सर जिला: सिमरी ब्लॉक में सबसे अधिक 87.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बक्सर के चक्की में 76.4 मिमी और केसठ में 72.4 मिमी पानी बरसा।
  • ​सीवान जिला: रघुनाथपुर में 76.2 मिमी, जीरादेई में 67.2 मिमी और सीवान शहर में 61.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • ​पश्चिम चंपारण: योगापट्टी में 68.6 मिमी, मैनाटांड़ में 65.6 मिमी, सिकटा में 64.8 मिमी और बेतिया में 64.6 मिमी बारिश हुई।
  • ​गोपालगंज: यहां के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 58.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

​पटना का मौसम और तापमान का हाल

​राजधानी पटना के तापमान में फिलहाल कोई बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 4 से 5 दिनों तक पटना का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द बना रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 2 नवंबर को पटना में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 3 और 4 नवंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं।

​बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान

​इस बेमौसम बरसात और आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी धान की फसल के साथ-साथ गन्ना, आलू और विभिन्न सब्जियों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। इसके अलावा, त्योहारों के इस मुख्य सीजन में बाजार फीके पड़ गए हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों को भी व्यावसायिक घाटे का सामना करना पड़ रहा है।
​किसानों की इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत बारिश से हुए फसल नुकसान का आकलन (सर्वे) करें। प्रभावित और पीड़ित किसानों को चिह्नित कर सरकार की तरफ से जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा, ताकि अन्नदाताओं को आर्थिक संकट से राहत मिल सके।