Bilaspur News Update : मुंगेली. लोक शिक्षण संचालनालय ने मुंगेली जिले में दिवंगत शिक्षक के पेंशन प्रकरण मामले में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के 6 अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मामला लोरमी विकासखंड का है. जहां पेंशन प्रकरण में नियम प्रक्रिया को ताक पर रखकर गड़बड़ी पाये जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है जिससे हड़कंप मचा हुआ है. आने वाले दिनों में कुछ और जांच में लंबित मामले में कार्रवाई के कयास लगाये जा रहे हैं. लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश में बताया किया कि हाईस्कूल लाखासार में पदस्थ विज्ञान शिक्षक अंजनी त्रिपाठी का 25 सितंबर 2022 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था. जिसके बाद परिवार पेंशन, मृत्यु सह सेवानिवृत्ति उपादान के प्रकरण की प्रक्रिया में 2018 में शिक्षक एलबी के संविलियन के बाद किए गए वेतन निर्धारण की सक्षम प्राधिकारी से जांच एवं अनुमोदन नहीं कराया गया. विलंब से अनुमोदन के कारण अधिक भुगतान एवं वसूली की स्थिति निर्मित हुई साथ ही लंबित पेंशन के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय को अंधेरे में रखकर गलत और भ्रामक जानकारी भेजी गई. मामले में तत्कालीन प्राचार्य राघवेन्द्र कुमार सोनी, प्रभारी प्राचार्य रघुनंदन राजपूत, लिपिक मोतीराम यादव, त्रिवेणी ध्रुव, अशोक ध्रुव, डीईओ ऑफिस के पेशन कक्ष प्रभारी कनिष्ठ लेखा परीक्षक शत्रुहन कुलमित्र को निलंबित किया गया है. सभी छह कर्मचारियों द्वारा अपने काम में नियम विरूद्ध कार्य, गंभीर लापरवाही, शासकीय कार्य में लेट लतीफ जैसी कई गलतियां पाई गई. सभी निलंबित लोगों का बिलासपुर संयुक्त संचालक कार्यालय निलंबन अवधि में निर्धारित किया गया है.
गणेश विसर्जन के बाद खूनी झड़प
बिलासपुर. गणेश विसर्जन के बाद सिरगिट्टी में दो पक्षों के युवकों के बीच हुआ विवाद खूनी झड़प में बदल गया. बन्नाकडीह तालाब से विसर्जन कर लौट रहे तीन युवकों पर चाकू से हमला कर दिया गया. हमले में गोविन्द नगर सिरगिट्टी निवासी राहुल सिंह ठाकुर, बन्नाक चौक भीतरीपारा निवासी सिद्धांत ध्रुव और मनीष ध्रुव घायल हुए हैं. राहुल के शरीर पर कई जगह चाकू के गहरे वार किए जाने से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है वहीं सिद्धांत के पेट में भी प्राण घातक वार किए गए हैं. जानकारी के मुताबिक तारबाहर के नायक मोहल्ले से युवकों की टोली गणेश प्रतिमा लेकर बन्नाकडीह तालाब पहुंची थी. इसी दौरान भीतरी पारा-बन्नाक के युवक भी विसर्जन के लिए पहुंचे. पहले विसर्जन को लेकर दोनों पक्षों में बातचीत हुई और बन्नाक के युवकों ने नायक मोहल्ले की प्रतिमा व डीजे को आगे कर दिया. दोनों पक्षों ने प्रतिमा विसर्जित कर दी वापसी के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते चाकूबाजी हो गई. हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. गंभीर रूप से घायल युवक चीखते रहें चिलाते रहें हाथो से जख्म को दबाए हुए अपने साथियो के साथ अस्पताल पहुंचे. बताया जा रहा है कि यहां घटना के बाद पुलिस पहुंची जब तक आरोपी भाग निकले थे. बहरहाल पुलिस मामले की जांच के साथ ही आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है. बन्नाक चौक पर आमतौर पर रात में पुलिस की निगरानी रहती है, इसके बावजूद विसर्जन के लिए पहले से तय कार्यक्रम वाली रात क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस मौजूदगी नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. घायल ने बताया कि हमलावर के हाथ में ऐसा धारदार औजार था जो शरीर को छूते ही गहरा कट लगा रहा था. अचानक हुए हमले में वह संभल पाता इससे पहले ही शरीर पर कई वार हो चुके थे. घायल के मुताबिक घटना इतनी तेजी से हुई कि उसे हमलावर के हाथ में मौजूद औजार को ठीक से पहचानने तक का मौका नहीं मिला.
ढाबा संचालक से मारपीट, प्रधान आरक्षक निलंबित
रायगढ़. धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के बिहारी ढाबा संचालक द्वारा पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अशोभनीय आचरण की शिकायत किए जाने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. शिकायत के प्रथम दृष्टया परीक्षण के बाद थाना धरमजयगढ़ में पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी को कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के प्रथम दृष्टया पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है. वहीं आरक्षक विजय राठिया को ढाबा संचालक के साथ अशोभनीय आचरण के मामले में तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र पुलिस लाइन अटैच किया गया है. जानकारी के अनुसार ढाबा संचालक मोंटू गुप्ता ने 24 सितंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसएसपी शशि मोहन सिंह को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि 23 सितंबर की रात थाना धरमजयगढ़ के प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी और अन्य पुलिस स्टाफ उसके ढाबे पर पहुंचे थे. इस दौरान विवाद की स्थिति बनी और उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया. शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की तथा शिकायतकर्ता का पक्ष भी सुना. प्रारंभिक परीक्षण में पुलिसकर्मियों के आचरण और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर प्रधान आरक्षक को निलंबित तथा आरक्षक को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की गई. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसएसपी ने एसडीओपी धरमजयगढ़ – सिद्धांत तिवारी को प्राथमिक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

डिरेल हुई गिट्टी लोड मालगाड़ी
कोरबा. रेलवे स्टेशन के समीप उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब गिट्टी लोड मालगाड़ी का पहिया डिरेल हो गया. रेल्वे अधिकारी व कर्मचारी करीब चार घंटे तक मशक्कत करते रहे, तब कहीं जाकर मालगाड़ी के पहिए को पटरी पर लाया जा सका. घटना के चलते मेमू लोकल देर से पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी. घटना गुरूवार दोपहर करीब एक बजे की है. बताया जा रहा है कि लोको पायलट मालगाड़ी में गिट्टी लोडकर गेवरा से रवाना हुआ था. वह कोरबा रेलवे स्टेशन के यार्ड के समीप पहुंचा था. इसी दौरान मालगाड़ी के एक डिब्बे का पहिया डिरेल हो गया. लोको पायलट ने सूझबूझ से काम लेते हुए मालगाड़ी को नियंत्रित करने में सफलता पाई. मालगाड़ी का पहिया बेपटरी होने की खबर मिलते ही रेल अफसर कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे. कर्मचारियों ने मालगाड़ी के पहिए को पटरी पर लाने काम शुरू किया. वे करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद मालगाड़ी को पटरी पर लाने में कामयाब हुए. कर्मचारियों ने पटरी के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाया. तब कहीं जाकर मेमू लोकल हरी झंडी मिली. यह ट्रेन निर्धारित समय से काफी देर बाद स्टेशन पहुंची. इस दौरान ट्रेन में सवार यात्री हलाकान होते रहे. गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन के समीप मालगाड़ी के डिरेल होने की यह पहली घटना नही है, इससे पहले भी मालगाड़ी बेपटरी हुए हैं. इसके पीछे रेलवे ट्रैक के मेंटेनेंस की अनदेखी को कारण माना जा रहा है. चर्चा है कि संबंधित विभाग द्वारा रेल लाइन की नियमित सफाई नही की जाती, लिहाजा रेल लाइन मिट्टी और कोयले से पट जाता है, जिसके चलते डिरेल की घटनाएं घटित होती है.
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