कुंदन कुमार, पटना। बांकीपुर उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद आज बुधवार (5 अगस्त) को भाजपा कार्यालय में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीएम सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई बड़े नेता और मंत्री मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार को लेकर मंथन हुआ। साथ ही बात की भी चर्चा हुई की आखिर पार्टी से कहां और क्या चूक हुई?

कांग्रेस और राजद ने शिफ्ट कराया अपना वोट- संजय गुप्ता

समीक्षा बैठक में मौजूद रहे कुम्हरार विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक हुई है। बांकीपुर की जनता का विश्वास हम लोगों को मिलता रहा है, कांग्रेस जिस तरीके से दिल्ली में आम आदमी पार्टी को वोट शिफ्ट कराया था। ठीक उसी प्रकार यहां पर कांग्रेस और राजद ने काम किया है।

विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि, विपक्ष का एक-एक कार्यकर्ता वोट शिफ्ट करवाने में लगे हुए थे। कांग्रेस और राजद के लोग उनके (जन सुराज) साथ खड़े होकर प्रचार भी करने लगे थे। यही कारण रहा कि हमारी हार हुई है। लेकिन इस हार से पार्टी के कार्यकर्ता घबराने वाले नहीं है। वो फिर से अपने काम में लगे। बैठक में यही कहा गया है।

विधायक मनोज शर्मा ने कही ये बात

वहीं, समीक्षा बैठक के बाद भाजपा विधायक मनोज शर्मा ने कहा कि, हार को लेकर समीक्षा की गई। किस तरह पार्टी के कार्यकर्ताओं को विपक्ष के लोगों ने भ्रमित किया। इस बात पर भी चर्चा की गई। कहां चूक हुई? उस पर भी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया। अंत में कार्यकर्ता को कहा गया कि, वो बांकीपुर क्षेत्र में अपने काम पर लग जाए। ज्यादा से ज्यादा जनसेवा का कार्य कर आम जनता को फायदा पहुंचाए, जो पार्टी शुरू से करती आ रही है। वो करें।

30 साल बाद बांकीपुर में बीजेपी की हार

बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 64,151 वोट पाकर बड़ी जीत हासिल की और बीजेपी के नीरज सिन्हा को उन्होंने 19,324 वोटों से मात दी। भाजपा के नीरज सिन्हा को 44,827 वोट मिले। वो दूसरे नंबर पर रहे। वहीं, राजद की रेखा गुप्ता को 14,273 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रही। बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार की इसलिए भी ज्यादा चर्चा हो रही है, क्योंकि यह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सीट थी। जो यहां से लगातार 5 बार विधायक रह चुके हैं। साथ ही 30 सालों से इस सीट पर भाजपा का कब्जा था।

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