रायपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन का एक वीडियो इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान डांस करती दिखीं Gen-Z कंटेंट क्रिएटर उर्वशी पलांडुरकर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की छत्तीसगढ़ इकाई की एक पोस्ट ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया। हालांकि, विवाद ने नया मोड़ तब लिया जब उर्वशी ने सोशल मीडिया पर ही सिलसिलेवार अंदाज में जवाब दिया। उनका यह वीडियो देखते ही देखते करोड़ों लोगों तक पहुंच गया और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस पर बहस छिड़ गई।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

NEET पेपर लीक के विरोध में छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कंटेंट क्रिएटर और डांसर उर्वशी पलांडुरकर प्रदर्शन स्थल पर डांस करती नजर आईं।

इस वीडियो को साझा करते हुए BJP की छत्तीसगढ़ इकाई ने दो तस्वीरों वाला एक पोस्ट प्रकाशित किया। एक तरफ उर्वशी की तस्वीर के साथ लिखा गया “बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाले Gen Z”, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित एक छात्रा की तस्वीर के साथ लिखा गया “छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले Gen Z”। पोस्ट में लोगों से पूछा गया कि वे किस तरह के Gen Z को चुनेंगे।

यहीं से यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

गुस्सा नहीं, जवाब दिया… वो भी तथ्यों के साथ

अक्सर सोशल मीडिया ट्रोलिंग का जवाब भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से दिया जाता है, लेकिन उर्वशी ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने एक वीडियो जारी किया और क्रमवार कई बिंदुओं पर अपनी बात रखी।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनका वीडियो बिना अनुमति राजनीतिक पोस्ट में इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर बड़ी संख्या में संदेश आने लगे। इसके बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पोस्ट का “कैप्शन गेम” कमजोर है और आज की Gen Z पुराने राजनीतिक नैरेटिव से खुद को नहीं जोड़ती।

उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को बांटने की कोशिश अब पहले जैसी प्रभावी नहीं रही और सोशल मीडिया पर तथ्य और तर्क भी उतनी ही तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं।

93 प्रतिशत अंक… और साथ में डांस भी

उर्वशी ने अपने जवाब में उन लोगों को भी संबोधित किया, जिन्होंने उनके डांस को पढ़ाई से जोड़कर सवाल उठाए थे।

उन्होंने बताया कि उन्हें 10वीं और 12वीं, दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 93 प्रतिशत अंक मिले थे। साथ ही उन्होंने कहा कि पढ़ाई, डांस, कंटेंट क्रिएशन, योग और अन्य गतिविधियां एक साथ की जा सकती हैं। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने अपनी उपलब्धियों और पुरस्कारों की भी झलक दिखाई।

उर्वशी का कहना था कि किसी व्यक्ति की एक वीडियो क्लिप देखकर उसकी पूरी पहचान तय नहीं की जा सकती।

करोड़ों लोगों तक पहुंचा जवाब

उर्वशी का जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ ही दिनों में वीडियो को करोड़ों बार देखा गया और उनके अकाउंट पर हजारों नए फॉलोअर्स जुड़ गए। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनके आत्मविश्वास, हास्य और तार्किक जवाब की सराहना की।

विपक्षी नेताओं ने भी दी प्रतिक्रिया

इस विवाद पर कई विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उर्वशी के जवाब की तारीफ की। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। कांग्रेस नेता बी. वी. श्रीनिवास और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

क्यों चर्चा में है यह मामला?

यह विवाद केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रहा। इसने कई सवाल खड़े किए हैं—क्या किसी का वीडियो बिना अनुमति राजनीतिक संदेश के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए? क्या किसी व्यक्ति को उसके शौक के आधार पर आंका जा सकता है? और क्या आज की Gen Z सोशल मीडिया पर अपने तरीके से राजनीतिक नैरेटिव बदलने की क्षमता रखती है?

देखिए उर्वशी का वायरल VIDEO

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