कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़: हरियाणा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस जहां लगातार भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए हमलावर है, वहीं अब भाजपा ने भी विपक्षी दल पर तीखा पलटवार किया है।
भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने अपने शासनकाल में युवाओं के भविष्य को कथित तौर पर भ्रष्ट व्यवस्था का शिकार बनाया, वही लोग आज युवाओं के हितैषी बनने का दिखावा कर रहे हैं। भाजपा की ओर से कहा गया कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल की भर्ती व्यवस्था का हिसाब युवाओं को देना चाहिए।
PRT भर्ती को बनाया पारदर्शिता का उदाहरण
भाजपा ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हुई PRT (मेवात कैडर) भर्ती को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस भर्ती में 1,456 युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची नौकरी मिली है।
भाजपा का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान सरकार योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी ने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के बजाय योग्य अभ्यर्थियों को उनकी प्रतिभा के आधार पर अवसर दिया गया।

पेपर लीक मामले पर कांग्रेस के आरोपों का राजनीतिक जवाब
दरअसल, पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को घेर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं और युवाओं को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि विपक्ष युवाओं के मुद्दे पर केवल राजनीति कर रहा है। भाजपा का तर्क है कि अगर कांग्रेस वास्तव में युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे अपने शासनकाल की भर्ती प्रक्रियाओं और उस दौर में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी जवाब देना चाहिए।
भाजपा ने खींची ‘पुराने शासन’ और ‘वर्तमान सरकार’ के बीच लकीर
भाजपा ने अपने राजनीतिक हमले में कांग्रेस के पूर्व शासनकाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि एक ओर ऐसे नेता हैं जिन्होंने अपने शासनकाल में युवाओं को भ्रष्ट व्यवस्था और कथित भाई-भतीजावाद का शिकार बनाया, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार है, जो ‘बिना खर्ची, बिना पर्ची’ के आधार पर भर्ती करने का दावा कर रही है।
भाजपा ने कहा कि एक तरफ युवाओं के भविष्य के साथ कथित छल और भ्रष्ट व्यवस्था है, तो दूसरी तरफ सुशासन, पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर रोजगार देने की नीति है।
पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी इस राजनीतिक टकराव ने अब भर्ती प्रक्रियाओं और युवाओं के रोजगार को केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस जहां सरकार से जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, वहीं भाजपा PRT मेवात कैडर भर्ती जैसी प्रक्रियाओं को अपनी पारदर्शी भर्ती नीति की उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है.
- पेपर लीक विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, बोली- युवाओं के हितैषी बनने का कर रही है नाटक
- जीवन सूक्त : आपसे बड़ा आपका अहंकार तो नहीं? – संदीप अखिल
- 25 जुलाई महाकाल भस्म आरती: शिवमय आभा में बाबा, यहां करें दर्शन
- पटना हिंसा मामले में माले विधायक संदीप सौरभ गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा बेउर जेल
- प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा : 26 जुलाई को रायपुर के 52 केंद्रों पर 16,987 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, प्रवेश से पहले होगी अनिवार्य फ्रिस्किंग


