पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 25 जून को आपातकाल की 51वीं बरसी पर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रही है। बिहार में इस अवसर को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को 1975 में कांग्रेस द्वारा थोपे गए उस ‘काले अध्याय’ से अवगत कराना है, जब देश में लोकतंत्र का दमन किया गया था।
जेपी नड्डा और सम्राट चौधरी करेंगे मुख्य कार्यक्रम को संबोधित
इस आयोजन के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पटना पहुंचेंगे। अपने निर्धारित दौरे के तहत, नड्डा पटना हवाई अड्डे से सीधे मुख्यमंत्री आवास (एक अणे मार्ग) जाएंगे, जहां वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बैठक करेंगे। इसके पश्चात, वे पटना के ज्ञान भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान और व्यापक जागरूकता अभियान
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जायसवाल ने बताया कि मुख्य समारोह में लगभग 450 ‘जेपी सेनानियों’ और लोकतंत्र रक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। केवल पटना ही नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न प्रमंडलों जैसे दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में केंद्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल होकर आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों के बारे में लोगों को बताएंगे।
पार्टी का लक्ष्य है कि प्रदर्शनी, संवाद कार्यक्रमों और विशेष जागरूकता अभियानों के माध्यम से आपातकाल के उस दौर की वास्तविकताओं को जनता और युवाओं के सामने रखा जाए। भाजपा इस दिन को कांग्रेस के ‘लोकतंत्र विरोधी चरित्र’ को उजागर करने के लिए एक अवसर के रूप में देख रही है।
जिला और मंडल स्तर पर ‘काला दिवस’
प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। भाजपा की संगठनात्मक संरचना के अनुसार, राज्य के सभी 52 संगठनात्मक जिलों और 1420 मंडलों में ‘काला दिवस’ मनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस सरकार द्वारा संविधान के किए गए उल्लंघन और उस दौर में जनता के मौलिक अधिकारों के हनन को जनता के बीच रेखांकित करेंगे। भाजपा की यह पहल राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसके माध्यम से पार्टी कांग्रेस को चुनावी एजेंडे में घेरने की तैयारी में है।

