मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। सोमवार को माकपा (CPI-M) और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत मधुबनी में एक जोरदार प्रतिरोध मार्च और ‘जेल भरो’ अभियान का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में मजदूर, किसान और जनसंगठन के कार्यकर्ता टाउन क्लब मैदान से जुलूस की शक्ल में शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए जिला समाहरणालय पहुंचे।
​इस दौरान शहर के थाना चौक पर यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। समाहरणालय के पास यह मार्च एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गया, जिसकी अध्यक्षता रामजी यादव ने की। सभा संपन्न होने के बाद हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने नगर थाने पहुंचकर अपनी गिरफ्तारियां दीं।

​केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला

​सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव मनोज कुमार यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश तबाही के कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने यह प्रमुख मांगें उठाईं:

  • ​श्रम कानूनों में बदलाव: चार लेबर कोड कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए।
  • ​मनरेगा और कृषि: मनरेगा योजना को सुचारू रूप से लागू किया जाए और किसानों का संपूर्ण ऋण माफ किया जाए।
  • ​ऊर्जा सुधार: बिजली संशोधन विधेयक वापस लिया जाए और मनमाने ढंग से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर तुरंत रोक लगाई जाए।
  • ​योजना कर्मियों का मानदेय: सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम 26,000 रुपए मासिक भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • ​रोजगार: विभिन्न विभागों में पड़े रिक्त पदों पर तत्काल बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाए।

​स्थानीय मुद्दे और प्रशासनिक तानाशाही का विरोध

​मधुबनी किसान सभा के सचिव सत्यनारायण यादव ने जिले में बढ़ते अपराध और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रहिका के खरौआ गांव में किसान नेता भागवत यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई है, लेकिन पुलिस अपराधियों को बचाने का काम कर रही है।
​इसके साथ ही उन्होंने लोहा पंचायत में शाखा नहर को चालू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर बेनीपट्टी अंचल अधिकारी और अड़ेर थाने द्वारा दर्ज किए गए झूठे मुकदमों (151/26) का कड़ा विरोध किया तथा इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की।
​खेतिहर मजदूर यूनियन के अध्यक्ष रामनारायण यादव ने मधुबनी को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने, खेतिहर मजदूरों को नियमित काम उपलब्ध कराने और जिले में ठेका प्रथा को पूरी तरह बंद करने की जोरदार मांग उठाई।