पंकज श्रीवास्तव, छपरा। सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र के शोभेपुर के रहने वाले लापता संगीत शिक्षक शेखर सुमन का शव गंडक नदी में मुहरिया के पास बरामद कर लिया गया है। संगीत शिक्षक का शव बरामद होते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। एक शांत मिलनसार और हसमुख स्वभाव का संगीतज्ञ की असामयिक मौत ने सभी को हिलाकर रख दिया। गौरतलब है कि शेखर सुमन सारण जिले के एक प्रसिद्ध संगीतज्ञ थे। इसके साथ ही हुए संगीत शिक्षक के रूप में नगरा प्रखंड के कोरिया स्थित माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत थे।

अचानक लापता हो गए थे संगीत शिक्षक

शेखर सुमन मंगलवार की शाम को फिजियोथैरेपी करने घर से निकले थे और उनके साथ उनका ड्राइवर भी था। इस बीच उन्होंने अपने ड्राइवर को वापस भेज दिया और गाड़ी खुद ड्राइव करते हुए फिजियोथैरेपी करने गए। उसके बाद हुए वहां से किधर गए? इस बात का किसी को पता नहीं चला। बाद में उनकी कार छपरा मुजफ्फरपुर एनएच 722 पर मकेर स्थित रेवा घाट पुल पर खड़ी पाई गई थी।

हादसे के बाद से तनाव में रहता था शिक्षक

वहीं, उनके भाई पंकज ने बताया की उनकी बाइक और ट्रक से टक्कर हो जाने से उनके पैर और जांघ में चोट आई थी, जिसके बाद वे फिजियोथैरेपी कराने जाती थे। इसी दुर्घटना के बाद वे तनाव में रहने लगे थे। परिजनों ने उनके गंडक नदी में कूद कर आत्महत्या करने की बात पर मकेर पुलिस ने एनडीआरएफ की टीम को बुलाया और एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार को दिनभर उनके शव की तलाश की उसके बाद आज गुरुवार को उनका शव मुहरीया के पास पाया गया।

आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं

मकेर थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद जब संगीत शिक्षक शेखर सुमन का शव उनके आवास पहुंचा तो वहां का पूरा माहौल गमगीन हो गया। वही संगीत शिक्षक शेखर सुमन के आत्महत्या का क्या कारण थे? इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

ये भी पढ़ें- नालंदा: बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा, डॉक्टरों को जान से मारने के लिए दौड़ाया