Bombay HC Slams Celebrities For Anti Pollution Campaign: प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज को बॉम्बे हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। Bombay HC के जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसे सेलिब्रिटीज के पास जाने की जरूरत नहीं है, जो पैसे लेकर ही अभियान में शामिल होना चाहते हैं। अगर सेलिब्रिटीज अपने ही शहर के प्रति जागरूक नहीं हैं और वे सिर्फ फीस लेकर आना चाहते हैं, तो हमें बहुत खेद है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को तय की है।

दरअसल महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान प्रदूषण के खिलाफ प्रशासन जागरूकता अभियान चलाता है। प्रशासन ने प्रदूषण के खिलाफ अभियान में सहयोग के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया था। सेलिब्रिटीज ने गिरी हुई हरकत दिखाते हुए फीस की डिमांड कर डाली।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सरकारी वकील ज्योति चव्हाण ने अदालत को बताया कि अधिकारियों ने प्रदूषण के खिलाफ अभियान में सहयोग के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने इसके लिए फीस मांगी। इस पर जस्टिस जीएस कुलकर्णी ने कहा कि ऐसे सेलिब्रिटीज के पास जाने की जरूरत नहीं है, जो पैसे लेकर ही अभियान में शामिल होना चाहते हैं। कोर्ट ने कहा कि उसे उम्मीद थी कि फिल्मी हस्तियां अपने शहर से जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी दिखाते हुए इस अभियान में योगदान देंगी। अदालत ने यह भी सवाल किया कि जब ये हस्तियां पुलिस विभाग के कार्यक्रमों में शामिल हो सकती हैं, तो प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता अभियान में क्यों नहीं? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनहित के संदेशों का खर्च सरकारी खजाने पर नहीं डाला जाना चाहिए।

पटाखों और तेज रोशनी पर रोक

दरअसल यह मामला महाराष्ट्र में त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अदालत की ओर से स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका से जुड़ा है। कोर्ट का जोर नियमों के प्रचार के साथ उनके पालन और उल्लंघन पर कार्रवाई तय करने पर है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को आदेश दिया था कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सड़कों और रास्तों पर पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे। अदालत ने लेजर लाइट और तेज रोशनी वाली बीम लाइट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई थी। सोमवार को पीठ ने अधिकारियों से पूछा कि गणपति उत्सव और नवरात्रि के दौरान दिए गए इन आदेशों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए क्या प्रचार-प्रसार किया गया।

झुग्गी बस्तियों में चले जागरूकता अभियान

अदालत ने मुंबई की बड़ी झुग्गी बस्तियों में प्रदूषण संबंधी नियमों के पालन में कमी पर चिंता जताई। पीठ ने कहा कि शहर के आधे से अधिक क्षेत्र में फैली इन बस्तियों में आधी रात को भी पटाखे फोड़ने के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। जस्टिस जीएस कुलकर्णी ने कहा कि अदालत किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, लेकिन सभी को कानून का पालन करना होगा। पीठ ने नागरिक अधिकारियों को स्थानीय वार्ड पार्षदों को भी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने का निर्देश दिया।

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