​पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक कड़ा कदम उठाया है। हाल ही में आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में गड़बड़ी और लापरवाही के गंभीर आरोपों के बाद, आयोग ने बायोमैट्रिक सेवा प्रदाता एजेंसी M/s Sai Educare Pvt. Ltd. के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है।

​परीक्षा के दौरान गड़बड़ी और एजेंसी की भूमिका

​AEDO भर्ती के लिए 14 से 21 अप्रैल 2026 के बीच मुंगेर, नालंदा, समस्तीपुर समेत राज्य के विभिन्न जिलों में परीक्षा आयोजित की गई थी। इस दौरान कई केंद्रों पर कदाचार (Cheating) और तकनीकी गड़बड़ी के प्रयास सामने आए। जांच में यह पाया गया कि बायोमैट्रिक मिलान और उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी, साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड, इन अनियमितताओं में संदिग्ध रूप से संलिप्त थी।

​आयोग के नियमों का उल्लंघन और FIR

​आयोग द्वारा की गई गहन जांच में यह तथ्य सामने आया कि एजेंसी ने सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाईं। आरोप है कि एजेंसी ने आयोग द्वारा अनुमोदित आधिकारिक सूची के कर्मियों को तैनात करने के बजाय, साठगांठ कर अपने निजी और अनधिकृत लोगों को ड्यूटी पर लगा दिया। इस गड़बड़ी को लेकर विभिन्न जिलों में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई गई थी। स्थानीय स्तर पर हुई शिकायतों ने इस मिलीभगत की पुष्टि की, जिससे परीक्षा की गोपनीयता पर खतरा मंडराने लगा था।

​स्पष्टीकरण और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई

​BPSC ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी को अपना पक्ष रखने के लिए कई बार ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया। हालांकि, एजेंसी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को आयोग ने असंतोषजनक और साक्ष्यों के विपरीत पाया। साक्ष्यों, दर्ज FIR और जांच रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने एजेंसी को दोषी माना।
​परिणामस्वरूप, BPSC ने M/s Sai Educare Pvt. Ltd. को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) कर दिया है। साथ ही, अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत एजेंसी की बैंक गारंटी की पूरी राशि को भी जब्त कर लिया गया है। आयोग के इस फैसले ने अन्य आउटसोर्सिंग एजेंसियों को कड़ा संदेश दिया है कि परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।