पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) परीक्षा में हुए बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक और बड़ी सफलता मिली है। EOU की टीम ने इस पूरे रैकेट के सरगना सतीश कुमार यादव को पटना के गर्दनीबाग स्थित शिवपुरी पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पहले नेपाल भागा था और इसके बाद असम में छुपकर रह रहा था। पटना लौटते ही पुलिस ने उसे धर दबोचा।
बेउर के ऑनलाइन सेंटर को बनाया था कंट्रोल रूम
जांच में खुलासा हुआ है कि मास्टरमाइंड सतीश ने पटना के बेउर इलाके में स्थित आरकेआर सॉल्यूशंस ऑनलाइन परीक्षा केंद्र को अपना मुख्य कंट्रोल रूम बना रखा था। बक्सर के नियाजीपुर का रहने वाला सतीश मुख्य एजेंसी के वेंडरों के साथ मिलकर पटना के करीब 10 परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक का काम संभाल रहा था। उसने इन केंद्रों पर अपने खास और प्रशिक्षित लड़कों को बायोमेट्रिक सुपरवाइजर व ऑपरेटर के रूप में तैनात किया था।
परीक्षा शुरू होते ही इन कर्मियों के माध्यम से प्रश्नपत्र बाहर निकाले गए और उन्हें बेउर स्थित सेंटर पर भेजा गया। इस ऑनलाइन केंद्र का संचालन सतीश के सहयोगी सरफराज आलम और रमेश कुमार कर रहे थे, जहां कंप्यूटर लैब में एक्सपर्ट सॉल्वरों की टीम बैठाकर तेजी से मास्टर आंसर-की तैयार करवाई जाती थी। इसके बाद, बायोमेट्रिक कर्मियों के जरिए इन उत्तरों को परीक्षा केंद्रों पर मौजूद चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया जाता था। धांधली का खुलासा होने के बाद आयोग ने इसी साल अप्रैल में हुई इस परीक्षा को रद्द कर दिया था।
अब तक 38 आरोपी गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में EOU अब तक भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), मुंबई के टेक्निकल असिस्टेंट रोशन कुमार समेत कुल 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस सिलसिले में 7 जिलों में कुल 12 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जिन्हें अब EOU ने अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया है।
अधिकारियों के अनुसार, मास्टरमाइंड सतीश का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भी जेल जा चुका है। वर्तमान में उसकी गिरफ्तारी मुंगेर मुफस्सिल थाना कांड संख्या के तहत दर्ज मामले में की गई है। EOU जल्द ही उसे अन्य मामलों में रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, जिससे इस अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।


