पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (BPSC TRE-4) की विज्ञप्ति जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अपनी मांगों को लेकर आज राजधानी पटना में एक बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है, जिसमें महिला अभ्यर्थी विरोध स्वरूप ‘बेलन और थाली’ के साथ सड़कों पर उतरेंगी। इस आंदोलन की आहट से प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

​छात्र नेता पर कार्रवाई और बढ़ती नाराजगी

​आंदोलन की पूर्व संध्या पर ही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित छात्र नेता खुशबू पाठक को हिरासत में ले लिया है। इस घटना के बाद अभ्यर्थियों में प्रशासन के खिलाफ और अधिक आक्रोश देखा जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और BPSC के परीक्षा नियंत्रक द्वारा जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक घोषणा न होने से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

​कोचिंग संचालकों और शिक्षकों पर दबाव

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को प्रशासन ने पटना के प्रमुख शिक्षकों और कोचिंग संचालकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें ASP और SDM स्तर के अधिकारी शामिल हुए। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई भी हिंसात्मक गतिविधि होती है, तो उसमें शामिल या भड़काने वाले शिक्षकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
​साथ ही, अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को यह अजीबोगरीब सलाह भी दी है कि वे छात्रों को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक अपनी कक्षाओं में व्यस्त रखें, ताकि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने का मौका न मिले। हालांकि, वरिष्ठ शिक्षक गुरु रहमान ने कहा है कि शिक्षक कानून-व्यवस्था के सम्मान में कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगे, जिससे शांति भंग हो, लेकिन छात्रों का आक्रोश उनकी अपनी मांग है।

​क्या है आज का कार्यक्रम?

​निर्धारित योजना के अनुसार, आज सुबह 11 बजे पटना कॉलेज से एक मार्च निकाला जाएगा, जो BPSC कार्यालय तक जाएगा। प्रशासन ने पटना के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कड़ी कर दी है ताकि आंदोलन किसी बड़े हिंसक रूप में न बदले। सरकार और आयोग की चुप्पी अभ्यर्थियों के सब्र का बांध तोड़ रही है, और आज का यह प्रदर्शन आने वाले समय में नई चुनौतियों का संकेत दे सकता है।