अनमोल मिश्रा, सतना। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP ESB) की लापरवाही और तकनीकी खामियों का खमियाजा एक बार फिर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भुगतना पड़ा है। रविवार को आयोजित वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा की द्वितीय पाली सर्वर ठप होने के कारण रद्द कर दी गई। सतना के परीक्षा केंद्र पर घंटों इंतजार के बाद परीक्षा निरस्त होने की खबर मिलते ही अभ्यर्थियों का गुस्सा भड़क उठा।
तीन घंटे कराया इंतजार, फिर निरस्तीकरण का फरमान
सतना के आदित्य कॉलेज परीक्षा केंद्र में दोपहर की पाली में शामिल होने के लिए सैकड़ों छात्र पहुंचे थे। परीक्षा शुरू होने के समय पर अचानक ईएसबी का सर्वर डाउन हो गया। केंद्र प्रबंधन और तकनीकी टीम करीब तीन घंटे तक सिस्टम को सुधारने का प्रयास करती रही, जिससे छात्र परीक्षा हॉल में ही बैठे इंतजार करते रहे। अंत में जब सर्वर ठीक नहीं हुआ, तो अधिकारियों ने परीक्षा निरस्त करने की घोषणा कर दी।
कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र; लगाया धरना, मुआवजे की मांग
परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित छात्र एनएसयूआई (NSUI) नेता आनंद पाण्डेय के नेतृत्व में सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, दूर-दराज से आए छात्रों को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई (मुआवजा) सरकार द्वारा की जाए।
“दो दिन की कमाई खर्च कर आया, पर परीक्षा ही नहीं हुई”
इस अव्यवस्था के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज के जिलों से आए अभ्यर्थियों को उठानी पड़ी। धर्मेंद्र दुबे (पीड़ित छात्र, डिंडोरी): “मैं डिंडोरी से सतना परीक्षा देने आया था। इसके लिए मैंने अपनी दो दिन की मजदूरी/कमाई खर्च कर दी। यहाँ आने-जाने और रुकने में काफी पैसा खर्च हुआ, लेकिन यहाँ आकर पता चला कि परीक्षा ही रद्द हो गई। हमारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का जिम्मेदार कौन है?”
मानसिक तनाव की भरपाई कौन करेगा?
बढ़ते विरोध को देखते हुए कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने आनन-फानन में रद्द हुई इस परीक्षा की नई तारीख 20 जून घोषित कर दी है। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की नई तारीख घोषित होने से उनके समय, धन की बर्बादी और मानसिक तनाव की भरपाई नहीं हो सकती। उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए फिर से आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास
राहुल सिलाड़िया एसडीएम, सतना ने कहा- “तकनीकी खराबी और सर्वर फेल होने की वजह से परीक्षा प्रभावित हुई है। छात्रों की शिकायतों और मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। धर्मेंद्र दुबे छात्र ने कहा- दूर से आने वाले छात्रों के रहने-खाने का खर्च और समय पूरी तरह बर्बाद हो गया। ईएसबी को अपनी तकनीकी व्यवस्था पहले ही दुरुस्त रखनी चाहिए थी।

