BRICS Summit Superpower ‘Selfie’: नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) का समापन हो गया है। इस समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया के कई बड़े नेता शामिल हुए। ब्रिक्स के सदस्य देशों के अलग-अलग जंग और बड़े भू-राजनीतिक मतभेदों से जूझने के बीच भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसे समय में BRICS को एकजुट रखना था। इसके बावजूद नई दिल्ली में BRICS का साझा घोषणापत्र सर्वसम्मति से पास हुआ। साथ ही भारत पहलगाम आतंकी हमले की सामूहिक निंदा कराने में भी कामयाब रहा। हालांकि इस सबके बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर ने इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचाया हुआ है। यह तस्वीर एक सेल्फी है, जिसे रूसी दूतावास ने जारी किया है। इसे सुपरपावर ‘सेल्फी’ बताया जा रहा है।

इस सेल्फी तस्वीर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लेते हुए दिख रहे हैं। इस सेल्फी में पीएम नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa), इंडोनेशिया के वर्तमान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो (Prabowo Subianto) और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वर्तमान राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan) दिख रहे हैं।

यह तस्वीर वास्तविक फोटो नहीं बल्कि AI से बनाई गई तस्वीर बताई जा रही है। तस्वीर असली नहीं होने के बावजूद इसे लेकर सोशल मीडिया पर मैसेज की चर्चा हो रही है। तस्वीर में BRICS के कई प्रभावशाली नेताओं को एक साथ दिखाया गया है, इसलिए इसे समूह की एकजुटता और बढ़ते वैश्विक प्रभाव के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह तस्वीर किसी आधिकारिक BRICS संदेश या अमेरिकी सरकार के लिए जारी किए गए औपचारिक बयान के तौर पर पेश नहीं की गई है। दक्षिण अफ्रीका में रूसी दूतावास की तरफ से जारी इस AI Selfie को लोग व्लादिमीर पुतिन का अमेरिका को जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। जिस तरह से अमेरिका ने रूस पर सैंकड़ों पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद भी रूस की अर्थव्यवस्था को कोई खास हानि नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि भारत और चीन समेत कई देश रूस के साथ कारोबार कर रहे हैं।

अमेरिका और BRICS के बीच बढ़ती खींचतान

BRICS और अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक मुद्दों को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव की चर्चा रही है। रूस और ईरान पर अमेरिका पहले से कई तरह के प्रतिबंध लगा चुका है। वहीं, भारत और चीन के साथ अमेरिकी व्यापार नीति और टैरिफ को लेकर भी मतभेद सामने आते रहे हैं। BRICS के विस्तार के बाद समूह में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की संख्या और वैश्विक आर्थिक हिस्सेदारी बढ़ी हैय़ ऐसे में यह संगठन पश्चिमी देशों के प्रभाव से अलग आर्थिक सहयोग और विकास के विकल्पों पर चर्चा करने वाले मंच के रूप में भी अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

मोदी ने BRICS को बताया समाधान का मंच

इधर समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने समूह को ऐसा मंच बताया जो वैश्विक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर सकता है। सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री मोदी की कई देशों के नेताओं के साथ हुई बैठकें भी भारत की सक्रिय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहीं।

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