प्रमोद कुमार, कैमूर। बिहार में बीएससी नर्सिंग और बी फार्मा के खराब परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। कैमूर जिले के सोनहन थाना क्षेत्र स्थित राज नर्सिंग इंस्टीट्यूट (ओदर) के छात्र-छात्राओं ने संस्थान के गेट पर जमकर हंगामा किया और भभुआ-कुदरा पथ को जाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर छात्र कॉलेज प्रबंधन और यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
छात्रों के गंभीर आरोप और समस्याएं
प्रदर्शन में शामिल छात्रों (सोनम कुमारी, सौरभ राज, पंचम कुमार आदि) का कहना है कि वे नियमित रूप से कक्षाएं अटेंड करते थे और परीक्षा की तैयारी भी बेहतरीन थी। इसके बावजूद रिजल्ट बेहद निराशाजनक आया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि एडमिशन के समय कॉलेज प्रशासन ने बेहतर शिक्षण व्यवस्था, योग्य शिक्षक और अच्छे परिणाम देने का वादा किया था। लेकिन वास्तविकता यह है कि कॉलेज में विषय के अनुसार शिक्षक ही नहीं हैं और न ही नियमित कक्षाएं चलती हैं। कॉलेज प्रशासन सिर्फ फीस वसूलने में व्यस्त रहता है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे और भी बड़ा आंदोलन करेंगे।
कॉलेज डायरेक्टर की सफाई और यूनिवर्सिटी पर सवाल
राज नर्सिंग कॉलेज के डायरेक्टर संतोष वर्मा ने छात्रों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि इस बार पूरे बिहार में 2024 बैच के बीएससी नर्सिंग और बी फार्मा का रिजल्ट बहुत खराब आया है, जिसमें 100 में से मात्र 20 प्रतिशत छात्र ही पास हो पाए हैं। डायरेक्टर ने इसके लिए सीधे तौर पर बिहार नर्सिंग यूनिवर्सिटी की व्यवस्था और कॉपी जांच में हुई लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की लचर व्यवस्था के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। साथ ही, उन्होंने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांग को यूनिवर्सिटी तक पहुंचाया जाएगा ताकि कॉपियों की दोबारा जांच हो सके और परिणामों में सुधार आ सके।
निष्कर्ष और मुख्य मांग
यह पूरा मामला बिहार की शिक्षा व्यवस्था और यूनिवर्सिटी की मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब 100 में से मात्र 20 छात्र ही पास हों, तो यह चिंता का विषय है। छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि लिखित परीक्षा की कॉपियों की पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए।

