आकाश आनंद ने कहा कि बसपा प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर मुद्दावार रिपोर्ट कार्ड तैयार कर जनता के सामने रखेगी. उन्होंने महंगाई, रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा.

सतीश सिंह, लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने कहा है कि प्रदेश में 13 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं और सरकार हजारों करोड़ रुपये विज्ञापन पर बहा रही है. उन्होंने कहा कि अब बसपा जमीनी हकीकत को लेकर जनता को बताने के लिए मुद्दावार रिपोर्ट कार्ड तैयार कर उसके सामने रखेगी.

मंगलवार को जेवर के दनकौर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज में जनसभा को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि बाबा साहब को लगातार परेशान किया गया, लेकिन उन्होंने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा.

आकाश आनंद ने दावा किया कि नेहरू ने डॉ. आंबेडकर को अपनी कमेटी और वर्किंग कमेटी से बाहर करने का काम किया, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद बाबा साहब निराश होकर घर नहीं बैठे. उन्होंने संघर्ष किया, संविधान लिखा और लोकसभा पहुंचे.

आकाश आनंद ने कहा कि बाबा साहब के विचार और संविधान में दिए गए अधिकार आज भी करोड़ों वंचितों और गरीबों की ताकत हैं.

महंगाई को लेकर घेरा

आकाश आनंद ने महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि 2014 में जिस घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत करीब 400 रुपये थी, वह आज करीब 1200 रुपये तक पहुंच गई है. उन्होंने पेट्रोल और डॉलर की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों पर महंगाई का बोझ बढ़ा है.

जनसभा में उन्होंने मायावती सरकार के कार्यकाल में बने नोएडा-आगरा एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि यही वास्तविक विकास का उदाहरण है. आकाश आनंद ने भाजपा पर मायावती सरकार के विकास मॉडल की नकल करने का आरोप लगाया.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नकल करने के लिए भी अकल और नीयत दोनों चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार के पास दोनों नहीं हैं.

स्कूल बंद होने का दावा

बसपा नेता ने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार और बेहतर शिक्षा चाहता है, लेकिन जब वह नौकरी की मांग करता है तो उसके सामने बेरोजगारी भत्ता और मुफ्त राशन जैसी योजनाएं रख दी जाती हैं. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ आज मिल सकता है, लेकिन यदि गरीबों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार नहीं मिला तो इसकी कीमत आने वाली पीढ़ियों को चुकानी पड़ेगी.

जनसभा में आकाश आनंद ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में नए स्कूल खोलने के बजाय 25 हजार से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए. आकाश आनंद ने कहा कि जिस युवा को नौकरी चाहिए, उसके लिए सबसे पहले अच्छी शिक्षा और रोजगार के अवसर जरूरी हैं.