लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद। आविष्कार केवल प्रयोगशालाओं में नहीं होते, जब आप अपने दैनिक जीवन की किसी परेशानी को हल करने के लिए कोई नया तरीका ढूंढते हैं, तो वह भी एक आविष्कार ही है. ऐसा ही कर दिखाया बालोद जिले के अरकार गांव के किसान टिकेंद्र साहू ने.
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30 साल के किसान टिकेंद्र साहू के हौसले की पूरे जिले में चर्चा है. किसान के पास खुद की 25 एकड़ की खेती है. और दूसरों से लीज में लेकर 15 एकड़ की किसानी अलग कर रहे है. कुल मिलाकर किसान 40 एकड़ में किसानी का कार्य कर रहा है. मजदूर नहीं मिलने से परेशान टिकेंद्र साहू ने ठाना कि क्यो न कोई यंत्र बनाया जाए, जो उसको खेती में मदद दे.

फिर क्या था पिता का सहयोग मिला और एक-दो बार असफल होने के बाद अरकार के इस किसान ने आखिरकार बना दिया ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्र. इससे किसान अपने खेतों में कीटनाशक दवाई और खाद डालने का काम बड़ी आसानी से कर रहा है.

महज 8 मिनट में एक एकड़ खेत में छिड़काव
बता दें कि यह यंत्र महज 8 मिनट के भीतर एक एकड़ खेत मे कीटनाशक और खाद का छिड़काव कर देता है, जिससे किसान का समय और पैसा दोनों बच जाता है. इसके साथ ही किसान को मजदूरों की समस्या से निजात मिल गई है.

असफलता के बाद भी नहीं मानी हार
किसान ने बताया कि यूट्यूब से देख कर पंजाब में जाकर इस तरीके की मशीन देखी, फिर ठाना कि इस तरीके का यंत्र बनाना है, जिससे किसानी का कार्य आसान हो. फिर क्या था किसान ने डेढ़ से 2 लाख के बीच इस यंत्र के लिए खर्च किए और बना दिया यह यंत्र. इस यंत्र को बनाने में किसान एक-दो बार असफल भी हुआ, लेकिन उसने हार नहीं मानी, और लगातार कोशिश करता रहा. अब किसान सफल हुआ तो पूरे जिले में उसकी तारीफ हो रही है.
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