भुवनेश्वर: भारत में हाई-स्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार की तैयारियों के बीच ओडिशा में रेल कनेक्टिविटी के भविष्य पर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, मौजूदा समय तक ओडिशा के लिए किसी आधिकारिक बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल योजनाओं के अनुमानों के मुताबिक, आने वाले समय में भुवनेश्वर से देश के कई प्रमुख शहरों की यात्रा के समय में भारी कमी आ सकती है.

केंद्र सरकार देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे कई नए कॉरिडोर पर विचार कर रही है.

यदि आने वाले दिनों में ओडिशा को इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में शामिल किया जाता है, तो बुलेट ट्रेन की रफ्तार के आधार पर तैयार किया गया अनुमानित समय इस प्रकार है:

  • भुवनेश्वर से कोलकाता: मात्र 1 घंटा 35 मिनट
  • भुवनेश्वर से विशाखापत्तनम: लगभग 1 घंटा 35 मिनट
  • भुवनेश्वर से हैदराबाद: करीब 3 घंटे
  • भुवनेश्वर से बेंगलुरु: 4 से 4.5 घंटे
  • भुवनेश्वर से सूरत: 5 से 5.5 घंटे
  • भुवनेश्वर से दिल्ली: लगभग 6 घंटे

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाई-स्पीड कनेक्टिविटी ओडिशा की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार देगी. आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभर रहे भुवनेश्वर को मेट्रो शहरों से जोड़ने से व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे. इसके अलावा पुरी, कोणार्क, चिल्का और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक देश के कोने-कोने से पर्यटकों का पहुंचना काफी आसान हो जाएगा. इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ पर्यटन उद्योग का भी व्यापक विकास होगा.

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ओडिशा के लिए किसी आधिकारिक बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा नहीं की गई है. लेकिन भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की रफ्तार को देखते हुए ओडिशा के लोगों में इस नए युग की परिवहन सेवा को लेकर काफी उम्मीदें हैं.