अमृतसर. पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया गया, जिसके कारण पंजाब को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। फिर भी, जुझारू लोगों ने पंजाब को बचा लिया। यह बात मानसा पहुंचे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद अवतार सिंह करीमपुरी ने कही।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों का जायजा लेने मानसा पहुंचे करीमपुरी ने बताया कि बसपा ने ‘पंजाब संभालो’ मुहिम शुरू की है, जिसके तहत पूरे पंजाब के हालात का जायजा लिया जा रहा है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण पंजाब में भारी नुकसान हुआ है। किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, लोग बेघर हो गए, लेकिन सरकार ने केवल किसानों को मुआवजा और घरों की गिरदावरी का ऐलान किया है, जिससे किसान संतुष्ट नहीं हैं।

करीमपुरी ने आरोप लगाया कि सरकार ने खेतों में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कोई राहत पैकेज घोषित नहीं किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं और उनके घर ढह गए हैं, लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने मांग की कि बाढ़ में मृतकों के परिजनों को तत्काल एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब के लिए केवल 1600 करोड़ रुपये का राहत पैकेज अपर्याप्त है। केंद्र की मोदी सरकार को पंजाब को फिर से खड़ा करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज जारी करना चाहिए, ताकि किसानों, मजदूरों और पशुओं के नुकसान की भरपाई हो सके।
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