चंडीगढ़ के प्रमुख चौराहों पर बढ़ती भिक्षावृत्ति और नशेड़ियों के आतंक से लोग बेहद परेशान हैं।
चंडीगढ़। स्मार्ट सिटी के प्रमुख चौक-चौराहों पर इन दिनों भिक्षावृत्ति की समस्या बेहद गंभीर रूप धारण कर चुकी है। चंडीगढ़ के सेक्टर-34 और सेक्टर-35 के लाइट प्वाइंट से सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां सुबह से लेकर देर रात तक महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे भीख मांगते नजर आते हैं। वाहनों के रुकते ही यह भिक्षुक गाड़ियों के पास पहुंच जाते हैं और पैसे या खाने-पीने की चीजें मांगने के लिए दबाव बनाने लगते हैं। इस बढ़ती समस्या के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इस पॉश इलाके की कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
चंडीगढ़ में भिक्षावृत्ति की बड़ी समस्या
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मना करने के बाद भी यह भिक्षुक बार-बार गाड़ियों के पास लौट आते हैं और पैसे न देने पर वाहन चालकों से बहस तथा गाली-गलौज करने पर उतारू हो जाते हैं। सेक्टर-34 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश राय ने बताया कि रात होते ही इन प्रमुख जगहों का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। सड़कों के किनारे और कॉलोनी के आसपास कुछ अराजक तत्व बैठकर खुलेआम शराब पीते हैं और तरह-तरह का नशा करते हैं। इस अनियंत्रित और असुरक्षित माहौल के कारण आसपास रहने वाले परिवारों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो चुका है।
बाजार एसोसिएशन ने जताई गहरी चिंता
सेक्टर-34 फर्नीचर मार्केट के मालिक अंकित जैन के अनुसार यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और प्रशासन को बार-बार शिकायतें भेजने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव दिखाई नहीं दिया है। उनका मानना है कि इन लोगों को सिर्फ घटना स्थल से हटा देना इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि पुलिस को इसकी गहराई से जांच करनी चाहिए कि ये लोग कहां से आ रहे हैं। इसके पीछे किसी बड़े संगठित गिरोह या भिक्षावृत्ति माफिया के सक्रिय होने की पूरी आशंका है, जो छोटे बच्चों और महिलाओं को इस अवैध काम में धकेल रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दी कड़ी चेतावनी
स्थानीय वार्ड पार्षद प्रेम लता ने प्रशासनिक उदासीनता पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक एक प्रतिशत भी कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सेक्टर में होने वाली चोरी की वारदातों और अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी इन संदिग्ध लोगों द्वारा रेकी किए जाने की प्रबल संभावना है। इस पूरे मामले पर चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर सौरभ जोशी ने सख्त रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया है कि पुलिस बल की मदद से जल्द ही इन सभी इलाकों से भिक्षुओं और नशेड़ियों को पूरी तरह हटाया जाएगा।

